सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, अब हर शुक्रवार को रहेगा 'नो-मीटिंग डे'
छिंदवाड़ा दौरे पर सीएम मोहन यादव ने 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' का शुभारंभ किया। लापरवाही मिलने पर CMHO और तहसीलदार समेत कई अधिकारी सस्पेंड किए गए।
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को अपने छिंदवाड़ा दौरे के दौरान पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने राज्य में 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' का भव्य शुभारंभ करते हुए प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। इस अभियान के दौरान जनता से मिली शिकायतों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेश गुन्नाड़े, एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा, कई अन्य लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने इस दौरे की शुरुआत स्थानीय कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित लोक सेवा केंद्र के औचक निरीक्षण से की, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में उद्यमियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सीधा संवाद किया तथा क्षेत्र के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कई गंभीर शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण भी किया गया।
🚀 छिंदवाड़ा से हुई 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' की शुरुआत
इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुँचकर संवाद स्थापित करेंगे।
इस जनसंवाद से मिलने वाले बहुमूल्य सुझावों के आधार पर ही भविष्य की लोक-कल्याणकारी योजनाएं और नीतियां तैयार की जाएंगी, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान तुरंत सुनिश्चित किया जा सके।
📅 प्रदेश में अब हर शुक्रवार को रहेगा 'नो-मीटिंग डे'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब पूरे प्रदेश में हर हफ्ते का शुक्रवार 'नो-मीटिंग डे' के रूप में मनाया जाएगा।
इस विशेष दिन पर जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक जनता दरबार लगाए जाएंगे। राज्य के मंत्री, विधायक, कलेक्टर, कमिश्नर सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी अपने दफ्तरों में बैठने के बजाय सीधे फील्ड में मौजूद रहकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी इस पूरे अभियान के चार प्रमुख और अहम आधार हैं।
🌾 प्राकृतिक खेती और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय आवश्यकताओं और जनता की उम्मीदों के अनुरूप विकास की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक खेती, पशुपालन और ग्रामीण पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके लिए 'होमस्टे' जैसी बेहतरीन योजनाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण अंचलों में रोजगार के नए और बेहतर अवसर पैदा हो सकें।
⚖️ लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती, अच्छा काम करने वाले सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में यह स्पष्ट किया कि जन-विश्वास अभियान के दौरान मिलने वाली शिकायतों पर सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ एक्शन लेगी।
उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा; लेकिन जनता के प्रति लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
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