ओझर बदली ड्यूटी डॉक्टर विहीन हुआ ओझर अस्पताल, मरीज परेशान 45 गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे
बड़वानी जिले के ओझर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर चरमरा गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में एकमात्र उपलब्ध डॉक्टर की भी दूसरी जगह ड्यूटी लगा दी गई, जिससे मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि व्यवस्था नहीं सुधरी तो अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओझर में चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल में वर्तमान में एक भी नियमित चिकित्सक उपलब्ध नहीं है, जबकि नर्सिंग स्टाफ की भी कमी बनी हुई है। मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन डॉक्टर का चैंबर खाली मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। कई मरीज मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदकर घर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग एक अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के नाम पर दूसरे अस्पताल की व्यवस्था बिगाड़ रहा है। ओझर में पदस्थ डॉ. शुभम कुशवाह की ड्यूटी दूसरी जगह लगाने से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यह अस्पताल आसपास के करीब 45 गांवों और हाईवे क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन लगभग 100 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि डॉ. शुभम कुशवाह की ड्यूटी पुनः ओझर में लगाई जाए, अन्यथा आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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