पुलिसकर्मियों को मिले नियुक्ति पत्र, सीएम ने की नई भर्तियों और तीन नई बटालियन की घोषणा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में पुलिस के 4,500 से अधिक पदों पर भर्ती और विशेष बटालियन बनाने का ऐलान किया है। नए पुलिसकर्मियों को जॉइनिंग लेटर भी सौंपे गए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में पुलिस विभाग के एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएँ की हैं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि प्रदेश में आगामी दो वर्षों के भीतर पुलिस विभाग के 4,500 से अधिक रिक्त पदों पर नई भर्तियाँ की जाएंगी। इसके साथ ही, राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों— बैगा, सहरिया और भारिया के युवाओं के लिए विशेष बटालियन और कंपनियों का गठन किया जाएगा, ताकि इन वर्गों के लोग भी सुरक्षा बलों में आगे बढ़कर अपनी सेवा दे सकें।
📜 मुख्यमंत्री ने नए भर्ती पुलिसकर्मियों को सौंपे नियुक्ति और प्रमोशन पत्र
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को अपने हाथों से जॉइनिंग लेटर (नियुक्ति पत्र) और प्रमोशन लेटर सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, "आमतौर पर यह आम धारणा बनी हुई है कि पुलिस वाले कभी हंसते नहीं हैं, लेकिन आज आप सभी के चेहरों की यह खुशी यह बता रही है कि यह पल आपकी जिंदगी का सबसे सुनहरा और बेहतरीन मौका है।"
मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि डंडे बजाने वाले पुलिसकर्मी ताली भी बहुत ही अच्छी बजाते हैं। उन्होंने खाकी वर्दी की तारीफ करते हुए कहा कि जब कोई इस वर्दी को पहनता है, तो उसे महसूस होता है कि यह खाकी मध्य प्रदेश की सवा सात करोड़ जनता के विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का 'देश सेवा, जन सेवा' का स्लोगन हर परिस्थिति में अपनी सार्थकता साबित करता है।
📈 खाली पदों को भरने और चयन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश में पदोन्नति (प्रमोशन) का रास्ता पूरी तरह खुला हुआ है और अब तक 28 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हो चुके हैं। वर्ष 2023 से लेकर अब तक पुलिस विभाग में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है, जबकि पुलिस बैंड और एफएसएल (FSL) की भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
वर्तमान में 9,751 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके अलावा साढ़े चार हजार पद और शेष बचते हैं। मंच से ही डीजीपी को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि आरक्षक, सब-इंस्पेक्टर (SI) और अन्य सभी सीधी भर्तियों के इन पदों को जल्द से जल्द भरा जाए और अगले दो साल में पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। पुलिस चयन बोर्ड को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें कुछ तकनीकी पेंच जरूर हैं, लेकिन सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।
🛡️ खंडवा में बटालियन और अति पिछड़ी जनजातियों के लिए विशेष कंपनियाँ
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खंडवा में नई पुलिस बटालियन बनाई जाएगी, जिसकी घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा, राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) के तहत तीन नई बटालियन गठित की जाएंगी, जिनमें से पहली बटालियन जल्द ही धरातल पर उतरेगी जबकि शेष दो के लिए स्थानों का चयन किया जा रहा है। सरकार के इस कदम से अति पिछड़े समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।
🇮🇳 "पहले हम परेशान थे, अब हमारे पड़ोसी देश परेशान हैं"
संबोधन के अंत में एक प्रेरणादायक प्रसंग साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर बात की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक मूर्तिकार पत्थर को तराशकर उसमें से एक सुंदर मूर्ति गढ़ देता है, ठीक उसी प्रकार पुलिस बल के भीतर भी बेहतरीन और समर्पित अधिकारी तैयार होते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली और तल्लीनता देश के प्रति समर्पण की मिसाल है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि एक समय था जब भारत विभिन्न आंतरिक और बाहरी समस्याओं से परेशान रहता था, लेकिन आज मजबूत इच्छाशक्ति के कारण हमारे विरोधी और पड़ोसी देश परेशान हैं।
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