बेल्जियम में दीवार के अंदर छिपा मिला सोने की ईंटों और सिक्कों का जखीरा, जानिए अब किसे मिलेगा खजाना

बेल्जियम में घर की मरम्मत के दौरान दीवार के अंदर 99 करोड़ रुपये का सोने का खजाना मिला है। जानिए अब इस सोने का असली मालिक कौन होगा।

Aug 16, 2026 - 18:43
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बेल्जियम में दीवार के अंदर छिपा मिला सोने की ईंटों और सिक्कों का जखीरा, जानिए अब किसे मिलेगा खजाना

बेल्जियम के पूर्वी फ्लैंडर्स में एक घर की मरम्मत और नए सीवर पाइप डालने के दौरान मजदूरों को दीवार के भीतर छिपा हुआ एक बहुत बड़ा सोने का खजाना हाथ लगा है। इस खजाने में सोने की कीमती ईंटें और प्राचीन सिक्के शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 9 मिलियन यूरो यानी भारतीय मुद्रा में करीब 99 करोड़ रुपये आंकी गई है। तहखाने की दीवारों की खुदाई के दौरान अचानक मिले इस अपार धन से मजदूरों और स्थानीय लोगों के होश उड़ गए। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे घर की तलाशी ली और मिले हुए सारे सोने को एक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है।

👦 18 साल के मजदूर कोबे को हुई थी पहली भनक, ईमानदारी दिखाते हुए दी पुलिस को सूचना

यह अद्भुत खजाना खोजने वाले मजदूरों में 18 साल का एक युवा कोबे भी शामिल था, जो गर्मी की छुट्टियों में पॉकेट मनी कमाने के लिए वहां मजदूरी कर रहा था। कोबे ने मीडिया को बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद दीवार में सामान्य सिक्के दबे हैं, लेकिन जब मजदूरों को सोने की एक भारी ईंट दिखाई दी, तब उन्हें एहसास हुआ कि यह कोई साधारण खोज नहीं बल्कि बहुत बड़ा खजाना है। इसके बाद बिना किसी लालच के उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। साइट मैनेजर मारियो ने भी स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना अपने पास रखना कानूनी रूप से अपराध होता और वे ईमानदारी से सही प्रक्रिया का पालन करना चाहते थे।

⚖️ कानून के तहत 5 साल तक करना होगा असली मालिक का इंतजार, चैरिटी संस्था को है उम्मीद

गौरतलब है कि जिस घर से यह खजाना निकला है, वह वर्तमान में एक चैरिटी संस्था के पास है जो डेंडर्मोंडे शहर में जरूरतमंदों की सेवा करती है। संस्था के निदेशक गर्ट हिलियर्ट ने उम्मीद जताई है कि यदि यह सोना कानूनी रूप से उन्हें मिलता है, तो इसका उपयोग सामाजिक भलाई और गरीबों की मदद के लिए किया जाएगा। वहीं, बेल्जियम के प्रचलित कानूनों के मुताबिक, खजाने के असली मालिक के पास इसे वापस पाने के लिए पूरे 5 साल (1,823 दिन) का समय होता है। यदि निर्धारित समय में कोई वैध दावेदार सामने नहीं आता है, तो यह खजाना इसे खोजने वाले मजदूरों और संपत्ति के मालिक के बीच विभाजित किया जा सकता है।

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