साल में सिर्फ एक बार खुले भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट, 24 घंटे में लाखों भक्तों ने किए दुर्लभ दर्शन

उज्‍जैन के महाकाल मंदिर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी पर खुलते हैं। जानिए इस दुर्लभ और रहस्यमयी दर्शन की पूरी जानकारी।

Aug 17, 2026 - 12:31
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साल में सिर्फ एक बार खुले भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट, 24 घंटे में लाखों भक्तों ने किए दुर्लभ दर्शन

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर की नगरी अवंतिका उज्जैनी में नागपंचमी का पर्व अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्री महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर के कपाट 16 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे खोले गए, जिसके साथ ही साल में केवल एक बार मिलने वाले नागचंद्रेश्वर व सिद्धेश्वर महादेव के दर्शन का क्रम आरंभ हुआ। यह दुर्लभ अवसर केवल 24 घंटे के लिए होता है, और नागपंचमी पर्व के पश्चात रात्रि 12 बजे ये कपाट पुनः अगले एक वर्ष के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस वर्ष श्रावण सोमवार और नागपंचमी के अद्भुत संयोग के चलते उज्जैन में देश-विदेश से शिवभक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ा है।

🏛️ क्या है नागचंद्रेश्वर प्रतिमा का रहस्य और इसकी अलौकिक विशेषता?

मंदिर के पुजारियों और जानकारों के अनुसार, महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा अपने स्वरूप में अत्यंत अद्वितीय और विशिष्ट है। यहाँ भगवान शिव माता पार्वती के साथ सप्त-फनधारी नाग शैया पर विराजमान हैं। आमतौर पर शेषशैया पर भगवान विष्णु का स्वरूप देखा जाता है, लेकिन उज्जैन में शिव-पार्वती का यह स्वरूप दिखाई देता है, जिसमें नंदी, सिंह, गणेश, कार्तिकेय और सूर्य-चंद्रमा के शिल्प तत्व भी अंकित हैं। इस प्राचीन प्रतिमा की उत्पत्ति और इसके यहाँ स्थापित होने का वास्तविक इतिहास आज भी एक रहस्य बना हुआ है, क्योंकि इसे लेकर कोई पुख्ता लिखित दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, और स्थानीय मान्यता इसे यहीं प्रकट या गढ़े जाने से जोड़ती है।

⏰ त्रिकाल पूजन, विशेष व्यवस्था और उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

मध्यरात्रि महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर विनीत गिरी द्वारा षोडशोपचार पूजन, दुग्धाभिषेक और आरती के साथ कपाट खोले गए। परंपरा के अनुसार 24 घंटे के इस दर्शन चक्र में त्रिकाल पूजन संपन्न होता है—जिसमें प्रथम मध्यरात्रि पूजन, दोपहर में शासकीय पूजन और रात्रि में अंतिम संध्या आरती शामिल है। इस बार नागपंचमी, श्रावण सोमवार और बाबा महाकाल की सवारी के त्रिविध संयोग के कारण उज्जैन में लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान है। प्रशासन द्वारा सुगम दर्शन के लिए विशेष बैरिकेडिंग, पार्किंग, 1500 पुलिस बल और 300 रुपये के शीघ्र दर्शन ऑनलाइन स्लॉट जैसी चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे पूरा परिसर 'हर हर महादेव' के जयकारों से गूँज रहा है।

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