ग्लोबल इन्वेस्टर्स के साथ मीटिंग पूरी, 2000 से 2100 रुपये तक तय हो सकती है शेयर की कीमत

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए 5.26 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रहा है। सितंबर के दूसरे हिस्से में आ सकता है आईपीओ।

Aug 18, 2026 - 18:46
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स के साथ मीटिंग पूरी, 2000 से 2100 रुपये तक तय हो सकती है शेयर की कीमत

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) अपने प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के जरिए इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है। केवल आईपीओ के साइज के मामले में ही नहीं, बल्कि वैल्यूएशन के लिहाज से भी एनएसई सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ने जा रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज ने अपने इस बड़े आईपीओ के लिए 5.26 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 55 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य तय किया है। संभावित निवेशकों के साथ हुई बैठकों में एक्सचेंज ने अपने शेयरों की कीमत 2,000 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर के बीच बताई है।

🌍 बोस्टन से लेकर हांगकांग तक ग्लोबल रोड शो पूरा, ब्लैकरॉक और GQG जैसे दिग्गज निवेशक शामिल

भारत के इस सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज ने अपनी निवेश योजनाओं को गति देने के लिए बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हांगकांग जैसे प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्रों में कई हाई-प्रोफाइल इन्वेस्टर मीटिंग्स आयोजित की हैं। इन बैठकों में ब्लैकरॉक इंक., कैपिटल ग्रुप, GQG पार्टनर्स और जानूस हेंडरसन ग्रुप जैसे दुनिया के लगभग 120 बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया। हालांकि, सेबी (SEBI) से ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस की मंजूरी मिलने की समयसीमा में कुछ हफ्तों की देरी हुई है, क्योंकि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के जुड़ने से शेयरहोल्डर्स की सूची में कुछ बदलाव किए गए हैं।

📅 सितंबर के दूसरे हिस्से में लॉन्च होने की उम्मीद, पूरी तरह से ओएफएस (OFS) बेस्ड होगा आईपीओ

तय की गई नई समयसीमा के मुताबिक, अब इस आईपीओ के सितंबर के दूसरे पखवाड़े में लॉन्च होने की पूरी संभावना है। मार्केटेड रेंज के ऊपरी स्तर पर पहुँचने पर एनएसई दुनिया के ग्लोबल एक्सचेंज ऑपरेटर्स में मार्केट वैल्यू के मामले में छठे स्थान पर आ जाएगा, जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज से आगे और नैस्डैक के करीब होगा। जून में फाइल किए गए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) यानी सेकेंडरी शेयर बिक्री पर आधारित होगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर लगभग 6% हिस्सेदारी (148.9 मिलियन शेयर) बेचेंगे। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 20 बड़े बैंकों को नियुक्त किया गया है।

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