FSSAI के नए नियमों के बाद डियाजियो ने बदला व्हिस्की और रम का फॉर्मूला, खत्म होगा विवाद

FSSAI के नए नियमों और सख्ती के बाद शराब कंपनी डियाजियो ने अपनी व्हिस्की और रम का फॉर्मूला बदलने का फैसला किया है। जानिए क्या होंगे बदलाव।

Aug 18, 2026 - 18:44
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FSSAI के नए नियमों के बाद डियाजियो ने बदला व्हिस्की और रम का फॉर्मूला, खत्म होगा विवाद

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नए और कड़े नियमों के लागू होने के बाद देश के शराब बाजार में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दुनिया की जानी-मानी शराब निर्माता कंपनी डियाजियो (Diageo) ने अपनी व्हिस्की तथा रम के फॉर्मूले में बदलाव करने का बड़ा फैसला किया है। कंपनी ने सरकार के साथ चल रहे विवादित फ्लेवर को हटाने पर अपनी सहमति जता दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद भारत में कंपनी के कई लोकप्रिय और प्रतिष्ठित ब्रांड्स की बिक्री में आ रही कानूनी अड़चनें दूर होने की पूरी उम्मीद है। आने वाले दिनों में बाजार में मिलने वाली शराब के स्वाद और उसकी पैकेजिंग में कुछ नए बदलाव साफ नजर आ सकते हैं।

⚖️ लंबी कानूनी लड़ाई को छोड़कर कंपनी ने अपनाया नया रास्ता, बॉम्बे हाईकोर्ट से खींचा कदम

कुछ समय पहले फूड रेगुलेटर FSSAI ने शराब में मिलाए जाने वाले कुछ विशेष फ्लेवर और सामग्रियों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके चलते यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (जो कि डियाजियो की भारतीय शाखा है) के बेहद मशहूर ब्रांड ‘मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड XXX रम’ पर प्रतिबंध का गंभीर खतरा मंडराने लगा था। शुरुआत में कंपनी ने इस कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और तर्क दिया था कि यह कार्रवाई बिना उचित प्रक्रिया के की गई है। हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई में उलझने के बजाय डियाजियो ने समझदारी दिखाते हुए अपने उत्पाद का फॉर्मूला ही बदलने का व्यावहारिक विकल्प चुन लिया है।

🏷️ बदल जाएगा पसंदीदा शराब का स्वाद और लेबल, प्लास्टिक पैकेजिंग पर भी है कड़ी नजर

FSSAI के साथ हुए इस नए समझौते के तहत कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने जा रही है। जिन फ्लेवरिंग सामग्रियों पर विवाद था, उन्हें अब शराब से पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। जाहिर है कि जब सामग्री बदलेगी, तो शराब के स्वाद में भी हल्का अंतर महसूस हो सकता है। इसके साथ ही, कंपनी बोतलों पर लगने वाले लेबल को भी अपडेट करेगी ताकि FSSAI के सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो सके। फ्लेवर के इस विवाद के अलावा हाल ही में प्लास्टिक पैकेजिंग नियमों (रिसाइकल्ड प्लास्टिक मार्किंग) के उल्लंघन के आरोप में कंपनी के करीब 18,000 शराब के केस भी जब्त किए गए थे, जिससे साफ है कि भारतीय शराब बाजार में अब सरकारी निगरानी बेहद सख्त हो चुकी है।

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