टेंडर शाखा से डोंगल गायब होने का मामला गरमाया, पार्षद ने कार्रवाई को बताया षड़यंत्र

ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय की टेंडर शाखा से सहायक यंत्री का डिजिटल सिग्नेचर डोंगल चोरी होने का मामला सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज में भाजपा पार्षद दिख रहे हैं।

Aug 19, 2026 - 13:55
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टेंडर शाखा से डोंगल गायब होने का मामला गरमाया, पार्षद ने कार्रवाई को बताया षड़यंत्र

ग्वालियर: नगर निगम में अनोखी चोरी का मामला सामने आया है और चोर भी ऐसा की हर कोई हैरान है. ग्वालियर नगर निगम कार्यालय से कोई रकम या महत्वूर्ण दस्तावेज नहीं बल्कि टेंडर शाखा से सब इंजीनियर का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट डोंगल गायब हो गया, लेकिन हैरानी की बात तो ये है कि इसे चुराने वाला एक पार्षद निकला.

📹 CCTV में डोंगल रखते ट्रैप हुए पार्षद, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका

असल में ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने ग्वालियर पुलिस को पत्र लिखा कर चोरी की एक एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है. ये एफआईआर वार्ड 21 के पार्षद बृजेश श्रीवास के खिलाफ कराने के लिए निगमायुक्त ने विश्वविद्यालय थाना पुलिस को पत्र लिखा है. इस पत्र में बताया गया है कि, 23 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे टेंडर शाखा से प्रभारी सहायक यंत्री का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) अचानक गायब हो गया था, जो की कार्यालय में ही टेबल पर रखा हुआ था. इसी समय पर ग्वालियर नगर निगम के वार्ड 21 के पार्षद बृजेश श्रीवास भी वहीं बैठे हुए थे. जिनका मौजूद रहना अकारण और अनाधिकृत था. ऐसे में जब डीएससी डोंगल गायब हुआ और शाम तक नहीं मिला, तो कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज चेक कराये गए, इन सीसीटीवी फुटेज में पार्षद को डीएससी डोंगल अपनी जेब में रखते हुए पाया गया.

⚖️ पार्षद बोले—'मैं विरोध करता हूं, इसलिए षड़यंत्र में फंसाया जा रहा है'

इस तरह डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट डोंगल गायब होने से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित होने और इसके दुरुपयोग किए जाने की भी संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में इस चोरी के लिए नगर निगम के आला अधिकारियों ने पार्षद पर चोरी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया. इस संबंध में पुलिस को पत्र लिख कर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है. नगर निगम आयुक्त संघप्रिया का कहना है कि, "ये गंभीर विषय है, इसलिए नगर निगम की और से एफआईआर दर्ज कराने पुलिस को पत्र लिखा है." इधर इस बात की जानकारी लेने के लिए जब पार्षद बृजेश श्रीवास से संपर्क किया तो उनका कहना था कि, "मैं नगर निगम अधिकारियों की पोल खोलने का काम करता हूं. परिषद में निगम अधिकारियों का खुलकर विरोध करता हूं. इस वजह से मुझे टारगेट कर रहे हैं, डोंगल गलती से मेरे पास आ गया था. मैंने घर आकर देखा तो खुद से नगर निगम में जाकर वापस करके आया था. सिर्फ टारगेट करने के लिए ये एफआईआर का षड़यंत्र रचा जा रहा है."

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