सागर पुलिस ने किया फर्जी फर्म और बैंक खातों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, ऑनलाइन बैटिंग का खुलासा
सागर के मकरोनिया थाना पुलिस ने साइबर ठगी और ऑनलाइन बैटिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने करोड़ों की नकदी और फर्जी फर्मों का खुलासा करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश में साइबर अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस लगातार प्रभावी और सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सागर जिले की मकरोनिया थाना पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह बेरोजगार युवकों को कमीशन और आसान पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था, और फिर उनके नाम से फर्जी फर्म तैयार कर निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाता था। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी और ऑनलाइन बैटिंग से मिलने वाली अवैध राशि के लेन-देन और सर्कुलेशन (म्यूल अकाउंट) के रूप में किया जाता था।
💳 दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खुलवाया फेडरल बैंक में खाता, 90 लाख का ट्रांजेक्शन आया सामने
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 अगस्त 2026 को मकरोनिया थाने में रोहित पटेल ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग करके बिना उनकी जानकारी के "ग्लैमर एंटरप्राइजेज" नाम से फर्जी फर्म बनाई गई और मकरोनिया स्थित फेडरल बैंक में उनके नाम से करंट अकाउंट खुलवा दिया गया। पुलिस ने जब बैंक खाते की तकनीकी जांच कराई, तो पता चला कि फरवरी 2026 से अब तक इस खाते के जरिए करीब 90 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जालसाजों की तलाश शुरू की गई।
🌐 भोपाल और मुंबई तक फैला था नेटवर्क, 2 करोड़ 69 लाख से अधिक कैश और सोना जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह पूरा फर्जीवाड़ा भोपाल के अमित विश्वकर्मा से सीखा था। पूछताछ में सामने आया कि ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग की रकम को ठिकाने लगाने के लिए इन फर्जी खातों का इस्तेमाल किया जाता था। भोपाल का रिषभ पटेल इस ऑनलाइन सट्टे का मुख्य संचालन करता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिषभ पटेल के कब्जे से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपये नकद, करीब 30 लाख रुपये का सोना और कई अहम दस्तावेज बरामद किए। आरोपी टेलीग्राम ग्रुप और विभिन्न वेबसाइटों के जरिए ग्राहकों को सट्टे की लिंक और क्रेडिट कॉइन भेजकर अवैध बैटिंग का खेल चला रहे थे।
⚖️ 6 आरोपी गिरफ्तार, 30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा—एसपी ने की नागरिकों से अपील
इस मामले में पुलिस ने अब तक धर्मेंद्र नाहर (खजुराहो), सोनू दांगी (सागर), अमित विश्वकर्मा (इंदौर), विपिन गिरी (भोपाल), स्वर्णेन्द्र पांडे (भोपाल) और रिषभ पटेल (भोपाल) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार मुख्य आरोपियों का 8 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। एसपी अनुराग सुजानिया ने जानकारी दी है कि पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इन फर्जी फर्मों के पंजीयन और बैंक खाते खोलने में किन-किन लोगों या संस्थाओं की संलिप्तता रही है। साथ ही, एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे कभी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक या ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति को न दें, अन्यथा वे भी गंभीर कानूनी शिकंजे में फंस सकते हैं।
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