उज्जैन में स्वाइन फ्लू से 60 वर्षीय महिला की मौत, इंदौर के निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज

उज्जैन में स्वाइन फ्लू संक्रमण के कारण एक महिला की मौत हो गई है। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव।

Aug 20, 2026 - 11:39
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उज्जैन में स्वाइन फ्लू से 60 वर्षीय महिला की मौत, इंदौर के निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज

बारिश के मौसम में एक बार फिर मध्य प्रदेश में खतरनाक स्वाइन फ्लू वायरस ने अपनी दस्तक दे दी है। ताजा मामला उज्जैन जिले से सामने आया है, जहाँ शहर के ऋषि नगर में रहने वाली 60 वर्षीय महिला सरोज नागर की स्वाइन फ्लू के संक्रमण के चलते मौत हो गई है। परिजनों के अनुसार, 30 जुलाई को अहमदाबाद की एक लैब में कराई गई जांच में महिला को स्वाइन फ्लू (H1N1) होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ 16 दिनों तक चले लंबे इलाज के बाद जब उन्हें उज्जैन घर लाया गया, तो उसके महज एक घंटे बाद ही उनकी सांसें थम गईं।

📋 परिजनों का आरोप—स्वास्थ्य विभाग ने नहीं बरती सावधानी, नहीं कराई गई स्क्रीनिंग

मृतका के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी की पुष्टि होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से परिवार को कोई विशेष दिशा-निर्देश नहीं दिए गए और न ही परिवार के अन्य सदस्यों की कोई स्वास्थ्य जांच या स्क्रीनिंग कराई गई। हालांकि, सूचना मिलने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर पहुंचकर केवल परिवार के सदस्यों की जानकारी और सूची जरूर तैयार की थी। सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल का कहना है कि विभाग ने तुरंत उस क्षेत्र में सर्वे करवाते हुए 28 घरों के 104 लोगों की स्क्रीनिंग कराई है, और गनीमत रही कि किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।

⚠️ स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव और नमी के कारण इस तरह के वायरस तेजी से फैलते हैं। यदि आपको भी नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घर पर इलाज करने से बचें:

  • बुखार और कमजोरी: अचानक तेज बुखार आना, सिरदर्द और पूरे शरीर या मांसपेशियों में लगातार दर्द रहना।

  • श्वसन संबंधी समस्याएं: लगातार खांसी चलना, गले में खराश होना, नाक बहना या बंद होना और सांस लेने में तकलीफ होना।

  • अन्य लक्षण: ठंड लगकर पसीना आना, आंखों में दर्द या लाचारी, तथा बच्चों में दस्त और उल्टी की शिकायत होना।

  • बचाव के उपाय: भीड़भाड़ और गंदगी वाली जगहों पर जाने से बचें, नियमित रूप से हाथ धोएं और फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सकीय सलाह लें।

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