हमीदिया अस्पताल में कैदियों के लिए बनेगा अलग आरक्षित वार्ड, कैदियों के फरार होने के बाद फैसला

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कैदियों के सुरक्षित इलाज और बार-बार उनके फरार होने की घटनाओं को रोकने के लिए एक अलग आरक्षित जेल वार्ड बनाने की मांग की गई है।

Aug 22, 2026 - 16:41
0
हमीदिया अस्पताल में कैदियों के लिए बनेगा अलग आरक्षित वार्ड, कैदियों के फरार होने के बाद फैसला

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल से एक हैरान करने वाली लेकिन बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक खबर सामने आई है। यहाँ कैदियों के लिए भी अब एक अलग और सुरक्षित आरक्षित वार्ड बनाए जाने की तैयारी चल रही है। सुनने में यह थोड़ा अटपटा जरूर लग सकता है, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था की दृष्टि से यह बेहद जरूरी हो गया है। दरअसल, सेंट्रल जेल से इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाए जाने वाले बंदियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा से बड़े सवाल खड़े होते रहे हैं और आए दिन बंदियों के पुलिस हिरासत से फरार होने की खबरें सामने आती रहती हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए हाल ही में भोपाल जेल अधीक्षक ने डीजीपी (जेल) को पत्र लिखकर हमीदिया अस्पताल में एक अलग जेल वार्ड बनाने की औपचारिक मांग की है।

🔒 बंदियों के लगातार फरार होने और सुरक्षा में सेंध के बाद लिया गया बड़ा फैसला

जेल से हमीदिया अस्पताल इलाज के लिए आने वाले बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर बार भारी मशक्कत करनी पड़ती है। जेल प्रहरियों के साथ-साथ जिला पुलिस बल के जवानों को भी अस्पताल में तैनात किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई बार शातिर बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो जाते हैं। इन घटनाओं से कैदियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते रहे हैं। भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक मानवेंद्र सिंह परिहार ने डीजीपी को भेजे गए पत्र में इन सभी घटनाओं का विशेष रूप से जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की विभिन्न जेलों से गंभीर रूप से बीमार या अन्य समस्याओं वाले कैदी ट्रांसफर होकर भोपाल सेंट्रल जेल आते हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से अब हमीदिया अस्पताल में एक स्वतंत्र और सुरक्षित जेल वार्ड होना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

👮 पुलिस बल की कमी और सोहेल खान की फरारी जैसी घटनाओं से सबक

जेल अधीक्षक ने आगे स्पष्ट किया कि हमीदिया अस्पताल में पहले भी अलग से जेल वार्ड की व्यवस्था हुआ करती थी, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था। अब सुरक्षा में सामने आई कमियों और हालिया घटनाओं को देखते हुए इस व्यवस्था को फिर से बहाल करने की जरूरत महसूस की जा रही है। हर एक बंदी के इलाज के दौरान अलग से भारी-भरकम पुलिस गार्ड उपलब्ध कराना हमेशा संभव नहीं हो पाता, क्योंकि पुलिस बल की भी अपनी सीमाएं और कमियां हैं। हालांकि, प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े या फरार होने की आशंका वाले आदतन अपराधियों के लिए विशेष बल की मांग की जाती है, जो लगभग 80 प्रतिशत मामलों में मिल भी जाता है। हाल ही में मानसिक चिकित्सा के लिए लाए गए बंदी 'सोहेल खान' द्वारा सुरक्षा प्रहरी पर हमला कर हथकड़ी समेत फरार होने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी, हालाँकि उसे कुछ ही घंटों में दोबारा दबोच लिया गया था। इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह नया आरक्षित जेल वार्ड बेहद कारगर साबित होगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User