बीए फर्स्ट ईयर में 250 से ज्यादा छात्र फेल और शून्य अंक मिलने पर भड़के स्टूडेंट्स, यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन

ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में बीए फर्स्ट ईयर के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी और छात्रों को शून्य अंक मिलने पर भारी हंगामा हुआ। छात्रों ने परिणाम सुधारने की मांग की है।

Aug 24, 2026 - 19:36
0
बीए फर्स्ट ईयर में 250 से ज्यादा छात्र फेल और शून्य अंक मिलने पर भड़के स्टूडेंट्स, यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन

ग्वालियर स्थित जीवाजी यूनिवर्सिटी में बीए प्रथम वर्ष (BA First Year) का रिजल्ट सामने आने के बाद छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं ने सोमवार को यूनिवर्सिटी पहुंचकर कुलसचिव (Registrar) और परीक्षा नियंत्रक (Exam Controller) के चैंबर के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का सीधा आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम में बैच के 250 से ज्यादा विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में या तो फेल कर दिया गया है या फिर उन्हें शून्य (0) अंक दिए गए हैं, जिसके चलते छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

📉 फाउंडेशन और पॉलिटिकल साइंस में ज्यादातर छात्रों को मिले शून्य या बेहद कम अंक

भितरवार शासकीय कॉलेज से करीब 50 विद्यार्थी अपना रिजल्ट सुधरवाने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा मुस्कान बाल्मिक ने बताया कि उन्हें दो विषयों में शून्य अंक दिए गए हैं। उनके कॉलेज में करीब 300 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 250 से ज्यादा बच्चों को पॉलिटिकल साइंस और फाउंडेशन (इंग्लिश) विषयों में सप्लीमेंट्री या फेल कर दिया गया, जबकि साल 2011 से लेकर अब तक कभी भी इतने बड़े पैमाने पर छात्र फेल नहीं हुए थे। वहीं, माधव कॉलेज से आए छात्रों ने भी आरोप लगाया कि उनके कॉलेज में 187 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से केवल 7 बच्चे पास हो पाए और बाकी 180 बच्चों की सप्लीमेंट्री आ गई। छात्रों का कहना है कि फाउंडेशन विषयों में अधिकांश बच्चों को 3 से 10 अंक ही मिले हैं।

🔍 यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने दिया जांच का आश्वासन, 13 हजार से अधिक छात्रों ने दी थी परीक्षा

छात्रों का कहना है कि 20 अगस्त को रिजल्ट अपलोड होने के बाद से वे लगातार यूनिवर्सिटी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर जीवाजी विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशा कुमारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बीए फर्स्ट ईयर के परीक्षा परिणाम में अधिकतर बच्चे फाउंडेशन (इंग्लिश) विषय में फेल हुए हैं, जिसके कारण वे परेशान हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों से एक लिखित आवेदन ले लिया गया है और इसके आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि परिणाम तैयार करने में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि (Technical Error) सामने आती है, तो उसे तत्काल सुधारा जाएगा। गौरतलब है कि इस परीक्षा में कुल 13,820 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से केवल 6,335 छात्र ही पास हो सके हैं, जबकि 6,935 छात्रों की सप्लीमेंट्री आई है और 550 छात्र पूरी तरह फेल हुए हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User