सरकारी दफ्तर में गजब लापरवाही, फाइलों के बीच 36 घंटे तक छिपे रहे पिल्ले, किसी को भनक तक नहीं लगी

छतरपुर के सीएमएचओ कार्यालय में फाइलों के बीच एक कुतिया द्वारा 6 पिल्लों को जन्म देने का मामला सामने आया है। जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाई है।

Sep 29, 2026 - 19:01
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सरकारी दफ्तर में गजब लापरवाही, फाइलों के बीच 36 घंटे तक छिपे रहे पिल्ले, किसी को भनक तक नहीं लगी

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और प्रशासनिक लापरवाही का अनोखा मामला सामने आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के जिला कार्यालय के अंदर उस समय हड़कंप मच गया, जब यह खुलासा हुआ कि दफ्तर की महत्वपूर्ण फाइलों और अलमारियों के बीच एक कुतिया ने 6 पिल्लों को जन्म दे दिया है। हैरानी की बात तो यह है कि इस बात की भनक कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे तीन दिनों तक नहीं लग पाई। जब इसकी भनक जिला कलेक्टर तक पहुंची, तो वे इस स्थिति पर खासे नाराज हुए और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

🗂️ फाइलों के ढेर के बीच 36 घंटे तक आराम करते रहे पिल्ले, कर्मचारियों को कानों-कान नहीं हुई खबर

सामने आई जानकारी के मुताबिक, सीएमएचओ कार्यालय में चारों तरफ फाइलों के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं और बीच-बीच में लोहे की अलमारियां रखी हैं। इन्हीं फाइलों की ओट में एक कुतिया ने सुरक्षित स्थान पाकर 6 पिल्लों को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद से ही कुतिया और उसके सभी पिल्ले करीब 36 घंटों तक लगातार कार्यालय के अंदर ही मौजूद रहे, लेकिन किसी भी कर्मचारी का ध्यान उधर नहीं गया। यहां तक कि दफ्तर खुलने और कामकाज शुरू होने के बाद भी किसी को कुछ पता नहीं चला। बाद में जब छोटे पिल्लों के रोने और भौंकने की आवाजें आनी शुरू हुईं, तब कर्मचारियों में हड़कंप मचा। पास जाकर देखा गया तो एक कुतिया के साथ 6 छोटे पिल्ले खेलते और सोते नजर आए।

🐾 डॉग लवर्स पहुंचे दलिया-गुड़ लेकर, लेकिन अधिकारियों ने पिल्लों को दफ्तर से बाहर निकाला

इस अनोखी घटना की खबर जब शहर के डॉग लवर्स तक पहुंची, तो उनमें पहले खुशी की लहर दौड़ गई। स्वान प्रेमी बल्लू चौरसिया कुतिया और नवजात पिल्लों के लिए अपने साथ दलिया और गुड़ लेकर तुरंत सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे। लेकिन तब तक प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में कुतिया और पिल्लों को दफ्तर से बाहर करवा दिया था। इसके बाद डॉग लवर्स काफी देर तक उन्हें आसपास तलाशते रहे, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। डॉग लवर्स का कहना है कि इन छोटे-छोटे पिल्लों की जान को खतरा हो सकता था और इनकी हिफाजत करना भी मानवीय कर्तव्य है। वहीं, जब इस पूरे मामले की जानकारी कलेक्टर मृणाल मीना को लगी, तो उन्होंने सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह की लचर व्यवस्था न दोहराए जाने के सख्त निर्देश दिए।

🏥 सरकारी अस्पतालों और दफ्तरों में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे लापरवाही भरे मामले

यह कोई पहला मौका नहीं है जब छतरपुर के किसी स्वास्थ्य विभाग के संस्थान में इस तरह की तस्वीरें सामने आई हों। इससे पहले भी कई बार अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों के अंदर कुत्ते बेखौफ घूमते नजर आए हैं। कई मौकों पर तो मरीजों के पलंग और बेड पर भी कुत्तों को आराम फरमाते हुए देखा गया है। कुछ समय पहले ही लवकुशनगर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के अंदर पलंग पर एक कुत्ता सोते हुए दिखाई दिया था, जिस पर सीएमएचओ ने संज्ञान लिया था। लेकिन इस बार तो सीधे जिला स्तर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अंदर ही कुतिया का प्रसव होने से व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमएचओ आरपी गुप्ता ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और कार्यालय परिसर में साफ-सफाई व सुरक्षा के कड़े निर्देश तत्काल प्रभाव से दे दिए गए हैं।

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