हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद पांच मंजिला इमारत पर चली कार्रवाई, भारी पुलिस बल रहा तैनात
इंदौर में मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण में बाधक मथुरावाला बिल्डिंग पर नगर निगम की रिमूवल टीम ने कार्रवाई की है। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद यह कदम उठाया गया।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर निगम की रिमूवल टीम ने छावनी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मथुरावाला बिल्डिंग और एक अन्य भवन के बाधक हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली। किसी भी प्रकार के विवाद या विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल पहले से ही तैनात किया गया था, हालांकि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।
⚖️ हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुबह-सुबह गरजी निगम की जेसीबी: बिना मशीन के हाथों से और फिर मशीनों से तोड़े गए बाधक हिस्से
भवन स्वामी ने सड़क चौड़ीकरण की इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी, जिसे गुरुवार को अदालत ने निरस्त कर दिया। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही निगम का अमला हरकत में आया और शुक्रवार सुबह करीब सात बजे ही छावनी चौराहा पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। चूंकि बिल्डिंग पांच मंजिला और ऊंचाई पर थी, इसलिए निगम कर्मियों ने शुरुआत में बिना मशीनों के हाथों से बाधक हिस्सों को हटाया और बाद में मशीनों की मदद से सड़क चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को पूरी तरह साफ किया गया।
📐 60 फीट चौड़ाई के हिसाब से तैयार हो रही है सड़क: 10 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मार्ग के निर्माण कार्य में अब आएगी तेजी
मास्टर प्लान के तहत इस सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 24 मीटर यानी 80 फीट थी, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध होने के बाद जनप्रतिनिधियों और रहवासियों की सहमति से इसकी चौड़ाई 60 फीट तय की गई थी। लगभग 870 मीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। मई महीने में भी इस क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद अब मथुरावाला बिल्डिंग के बाधक हिस्से हटने से छावनी सड़क के निर्माण कार्य में और अधिक तेजी आने की पूरी उम्मीद है।
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