प्रमोटर कंपनी को जारी होंगे 5,800 करोड़ रुपये के वारंट, निवेशकों की हिस्सेदारी और शेयरों पर असर
बजाज फाइनेंस ने QIP और प्रमोटर कंपनी बजाज फिनसर्व को वारंट जारी कर कुल 17,500 करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस बड़े स्तर पर पूंजी जुटाने की योजना पर काम कर रही है। हालांकि बीते कुछ समय से कंपनी के शेयरों में बाजार के दबाव के कारण नरमी देखी जा रही है, लेकिन कंपनी के बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 11,700 करोड़ रुपये जुटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रमोटर कंपनी बजाज फिनसर्व को 5,800 करोड़ रुपये के वारंट भी जारी किए जाएंगे। इन दोनों को मिलाकर कुल फंड जुटाने का यह आंकड़ा 17,500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। 1 अक्टूबर को हुई दोनों कंपनियों के बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है, जिसे अब शेयरधारकों की मंजूरी के लिए EGM में भेजा जाएगा।
📈 क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स और पैरेंट कंपनी का दांव: कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए उठाया गया अहम कदम
बजाज फाइनेंस का बोर्ड 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों के QIP को मंजूरी दे चुका है, जिसके तहत QIB को शेयर जारी किए जाएंगे। इस प्रक्रिया से कंपनी अपने वित्तीय और पूंजीगत आधार (Capital Base) को बेहद मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा, 5,800 करोड़ रुपये के वारंट बाहरी निवेशकों के बजाय सीधे प्रमोटर कंपनी बजाज फिनसर्व को दिए जाएंगे। वर्तमान में बजाज फाइनेंस में बजाज फिनसर्व की 51.30 फीसदी हिस्सेदारी है। नियमों के तहत वारंट अलॉटमेंट के वक्त 25 फीसदी राशि चुकानी होगी और बाकी 75 फीसदी राशि 18 महीने के भीतर शेयरों में बदलने पर देनी होगी।
📉 शेयर बाजार में मौजूदा स्थिति और निवेशकों की हिस्सेदारी पर असर: इक्विटी डाइल्यूशन और टर्नओवर की पूरी डिटेल
नए शेयर जारी होने से बाजार में शेयरों की संख्या बढ़ती है, जिसे इक्विटी डाइल्यूशन कहा जाता है। इससे मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी का प्रतिशत थोड़ा कम जरूर होता है, लेकिन यदि जुटाई गई पूंजी का सही उपयोग विकास कार्यों में हो, तो इसका फायदा लंबी अवधि में मिलता है। पिछले सत्र में बीएसई पर बजाज फाइनेंस का शेयर 1.24 फीसदी की गिरावट के साथ 949.35 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि अगस्त 2026 में इसने 1,177.60 रुपये का 52 हफ्ते का उच्च स्तर छुआ था। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा और इसका कुल टर्नओवर बढ़कर 69,850.79 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 59,379.74 करोड़ रुपये था।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)