सलखनिया क्षेत्र में हाथियों ने मचाया हुड़दंग, एक एकड़ फसल बर्बाद
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे गांवों में 20 जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया। वन विभाग और ग्रामीणों ने 4 घंटे की मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल भेजा।
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से जंगली हाथियों के गांवों और खेतों की तरफ रुख करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गुरुवार रात सलखनिया क्षेत्र में उस समय ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई, जब लगभग 20 जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड जंगल से निकलकर सीधे रिहायशी इलाके से लगे खेतों में जा पहुंचा। इस झुंड में छोटे हाथी भी शामिल थे। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की क्विक रिस्पांस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें वापस जंगल की ओर खदेड़ने का अभियान शुरू किया।
🌾 एक एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल को पहुंचाया नुकसान: ट्रैक्टर, हूटर और टॉर्च की मदद से 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
खेतों में पहुंचने के बाद हाथियों का यह झुंड फसलों के बीच घूमता रहा, जिससे करीब एक एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। हाथियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए वन विभाग की टीम ने सूझबूझ के साथ अभियान चलाया। हाथियों को जंगल की दिशा में मोड़ने के लिए करीब चार घंटे तक ट्रैक्टर की आवाज, हूटर, तेज शोर और टॉर्च की रोशनी का इस्तेमाल किया गया। कड़ी मशक्कत और लगातार निगरानी के बाद आखिरकार हाथियों का यह झुंड खेतों से निकलकर सुरक्षित रूप से वापस जंगल की ओर लौट गया।
🔦 पानपथा बफर क्षेत्र के अधिकारियों ने दी जानकारी: ग्रामीणों को बांटी गई 80 टॉर्च, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई गश्त
पानपथा बफर क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और शाम के समय विशेष गश्त टीमें तैनात रहती हैं। ग्रामीणों को हाथियों को सुरक्षित तरीके से दूर भगाने में मदद के लिए लगभग 80 टॉर्च वितरित की गई हैं। बांधवगढ़ प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाला जा सके और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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