140 अधिकृत नोटरी के खिलाफ शिकायत, भोपाल में एक हजार से ज्यादा अवैध कार्यालय संचालित होने का दावा

भोपाल में नोटरी व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अधिवक्ता लालचंद भारके की शिकायत के मुताबिक, 140 नोटरी के मुकाबले एक हजार से ज्यादा कार्यालय चल रहे हैं।

Oct 03, 2026 - 11:09
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140 अधिकृत नोटरी के खिलाफ शिकायत, भोपाल में एक हजार से ज्यादा अवैध कार्यालय संचालित होने का दावा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नोटरी व्यवस्था के संचालन और उसकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिवक्ता लालचंद भारके द्वारा की गई एक औपचारिक शिकायत के अनुसार, शहर में आधिकारिक तौर पर लगभग 140 नोटरी अधिवक्ता ही नियुक्त हैं, लेकिन उनके नाम से संचालित होने वाले नोटरी कार्यालयों और स्टॉलों की संख्या एक हजार से भी अधिक है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई स्थानों पर नोटरी की खुद की मौजूदगी के बिना ही दस्तावेजों को तैयार किया जा रहा है और बिना पर्याप्त स्टांप शुल्क के शपथ पत्रों का प्रमाणन किया जा रहा है।

📄 शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप: बिना स्टांप शुल्क और नोटरी की उपस्थिति के तैयार हो रहे दस्तावेज

बीती 30 सितंबर को दी गई इस शिकायत में अधिवक्ता भारके ने बताया कि उनके नाम से तैयार कराए गए एक शपथ पत्र की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति है। आरोप है कि उस दस्तावेज पर न तो नियमानुसार पर्याप्त स्टांप शुल्क लगाया गया और न ही नोटरी टिकट चस्पा किया गया। इसके अलावा, दस्तावेज प्रमाणित करते समय संबंधित नोटरी अधिवक्ता मौके पर मौजूद नहीं थे, बल्कि उनके किसी प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति द्वारा पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। शिकायत में नोटरी अधिवक्ता गुलाम निजामुद्दीन अनवर सिद्दीकी के खिलाफ भी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।

📜 क्या कहते हैं नोटरी अधिनियम के नियम? रजिस्टर में इंदराज और व्यक्तिगत उपस्थिति है अनिवार्य

नोटरी अधिनियम, 1952 और नोटरी नियम, 1956 के प्रावधानों के तहत किसी भी नोटरी को अपना कार्य निर्धारित कार्यालय में खुद उपस्थित रहकर ही करना होता है। नियमों के मुताबिक कोई भी नोटरी अपने अधिकार क्षेत्र के काम के लिए किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नियुक्त नहीं कर सकता। इसके अलावा, दस्तावेजों पर पर्याप्त स्टांप शुल्क की जांच करना भी नोटरी की जिम्मेदारी होती है। जानकारों का मानना है कि यदि इन नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो इससे शासन के राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है। फिलहाल, जिला नोटरी अधिवक्ता प्रकोष्ठ को दी गई इस शिकायत पर विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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