बंटी नागर आत्महत्या मामले में पुलिस ने 5 कर्मचारियों से की पूछताछ, कई फाइनेंसरों और प्रोजेक्ट्स के नाम आए सामने

इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर आत्महत्या मामले में पलासिया पुलिस ने कर्मचारियों से पूछताछ कर आर्थिक लेन-देन और अटके प्रोजेक्ट्स की जांच शुरू कर दी है।

Oct 03, 2026 - 11:06
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बंटी नागर आत्महत्या मामले में पुलिस ने 5 कर्मचारियों से की पूछताछ, कई फाइनेंसरों और प्रोजेक्ट्स के नाम आए सामने

इंदौर के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या के मामले में पलासिया पुलिस की जांच अब उनके कारोबार, आर्थिक लेन-देन और वित्तीय पहलुओं पर पूरी तरह केंद्रित हो गई है। शुक्रवार को पुलिस ने बंटी के ऑफिस के पांच कर्मचारियों—कर्मचारी मनीष, गोपाल, अकाउंटेंट, ऑफिस बॉय और एक महिला कर्मचारी से घंटों लंबी पूछताछ की। इस पूछताछ के दौरान बंटी के कारोबार से जुड़े कई बड़े कारोबारियों, फाइनेंसरों और अटके हुए प्रोजेक्ट्स के नाम सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

🏗️ संस्कृति डेवलपर्स के 10 में से 5 प्रोजेक्ट थे अटके: बाल्या खेड़ी और सुपर कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स में अड़चनों की बात आई सामने

कर्मचारियों ने पुलिस को जानकारी दी कि बंटी 'संस्कृति डेवलपर्स' के बैनर तले रियल एस्टेट का कारोबार करते थे और उनके कुल 10 प्रोजेक्ट चल रहे थे, जिनमें से लगभग पांच प्रोजेक्ट विभिन्न कारणों से अटके हुए थे। पूछताछ में बालिया खेड़ी-बाइपास क्षेत्र और सुपर कॉरिडोर के प्रोजेक्ट्स में अनुमति व अन्य अड़चनों के साथ-साथ बाहरी दबाव होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन सभी प्रोजेक्ट्स के कागजात, जमीन से जुड़े दस्तावेजों और अनुमति संबंधी फाइलों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन मामलों में किसकी क्या भूमिका थी।

💰 फाइनेंसरों और लेन-देन की पड़ताल जारी: दिल्ली-मुंबई कनेक्शन और निजी संपर्कों की भी खंगाली जा रही है जानकारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में गोविंद, मनोज चौधरी, अशोक भाटिया और चित्रेश मेहता समेत कई फाइनेंसरों और कारोबारियों के नाम सामने आए हैं, जिनसे करोड़ों रुपये के लेन-देन और हालिया वसूली के दबाव की बात की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस ने बंटी के दिल्ली-मुंबई दौरों, वहां मॉडल्स के साथ संपर्कों और एक भूमाफिया की पत्नी के साथ नजदीकी जैसी व्यक्तिगत जानकारियों के बिंदुओं पर भी तस्दीक शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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