श्राद्ध पक्ष में 200 से अधिक बंदियों ने किया तर्पण, विदाई के वक्त पिता ने बेटियों को कहा 'बेस्ट ऑफ लक'
खंडवा जिला जेल में एक अनूठी पहल के तहत 120 बंदियों की उनके बच्चों से विशेष मुलाकात कराई गई। इस दौरान भावुक माहौल में बच्चों ने डांस किया और खुशियां बांटीं।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिला जेल में प्रबंधन की ओर से एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल देखने को मिली, जहां 120 बंदियों की उनके मासूम बच्चों से विशेष मुलाकात कराई गई। लंबे समय से सलाखों के पीछे बंद पिता जब अपने बच्चों से मिले, तो पूरा प्रार्थना भवन भावनाओं से भर गया। इस मुलाकात के दौरान बच्चों ने अपने पिता के साथ क्वालिटी टाइम बिताया, किसी ने पिता की पीठ पर बैठकर घोड़े की सवारी का आनंद लिया तो किसी नन्हीं बेटी ने अपने पिता के सामने गरबा करके अपनी कला दिखाई। बच्चों के लिए इस दौरान मिठाई, चॉकलेट और बैलून की खास व्यवस्था की गई थी।
💖 पापा को देखकर छलके आंसू, तो नन्हीं बेटी ने कहा- 'मैंने आपके लिए गरबा सीखा है'
मुलाकात के दौरान बच्चे अपने पिता, ताऊ और दादा से मिलकर चहक उठे। कोई बच्चा दादा की गोद में झूलता नजर आया तो कोई पिता से लिपटकर रो पड़ा। लंबे समय बाद अपनों को सामने पाकर कई बंदियों की आंखों से आंसू छलक आए। इसी दौरान एक बच्ची ने अपने पिता से उत्साह से कहा कि उसने नवरात्रि के लिए गरबा सीखा है और वह उन्हें अपना डांस दिखाएगी। पिता ने मुस्कुराते हुए अपनी बेटियों का नृत्य देखा, जिसके चेहरे पर एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ जेल की बंदिशों का दर्द साफ झलक रहा था।
🩺 श्राद्ध पक्ष में 200 बंदियों ने किया तर्पण और हुआ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन: जेल अधीक्षक ने दी जानकारी
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि गांधी जयंती से दो दिन पहले जेल परिसर में श्राद्ध पक्ष के तहत विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसमें 200 से अधिक बंदियों ने अपने पूर्वजों का तर्पण कर श्रद्धांजलि दी। वहीं, जेल अधीक्षक देवेंद्र कुमार सारस ने बताया कि बच्चों के लिए चॉकलेट और खिलौनों की व्यवस्था के साथ-साथ एक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित बंदियों का चेकअप कर दवाइयां दी गईं। मुलाकात के अंत में जब विदाई का वक्त आया, तो परीक्षा देने जा रही बेटियों को एक पिता ने आवाज देकर 'बेस्ट ऑफ लक' कहा, जिसे सुनकर माहौल और भी भावुक हो गया।
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