500 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर प्रशासन का बुलडोजर, जीवाजी राव छात्रावास परिसर को कराया गया मुक्त
नीमच में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 करोड़ रुपये मूल्य की 4.32 लाख वर्गफीट सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। बच्चों को सुरक्षित शिफ्ट किया गया है।
मध्य प्रदेश के नीमच जिले में शनिवार सुबह जिला प्रशासन की ओर से अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। शहर के पॉश इलाके में स्थित जीवाजी राव छात्रावास परिसर की करीब 500 करोड़ रुपए मूल्य की 4.32 लाख वर्गफीट सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। इस दौरान 4 जेसीबी मशीनों की मदद से परिसर में बने अवैध ढांचों और बाउंड्रीवॉल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
⚖️️ 70 साल पुराना कब्जा और कोर्ट का फैसला: स्टे निरस्त होते ही गोपनीय रणनीति के तहत सुबह 6 बजे जुटा 300 पुलिसकर्मियों का बल
यह बहुमूल्य जमीन मूल रूप से कालिदास शिक्षा समिति को छात्रावास संचालन के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन तय शर्तों के विपरीत इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। नगर पालिका और समिति के बीच लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाल ही में अपील न्यायालय ने समिति के पक्ष में जारी स्टे को खारिज कर नगर पालिका के पक्ष में फैसला सुनाया। किसी भी विरोध से निपटने के लिए प्रशासन ने गोपनीय रणनीति के तहत सुबह 6 बजे ही कैंट थाने पर 200 से 300 पुलिसकर्मियों को एकत्र किया और एडीएम, एसडीएम व सीएमओ की संयुक्त टीम के साथ औचक कार्रवाई को अंजाम दिया।
🏫 बच्चों को शासकीय हॉस्टल में किया गया शिफ्ट: अंबेडकर रोड की दुकानों और पेट्रोल पंप की कार्रवाई पर बनी हुई है नजर
सीएमओ दुर्गा बामनिया और एसडीएम पराग जैन ने जानकारी दी कि जर्जर भवन में रह रहे 25 बच्चों से अवैध वसूली की जा रही थी और वहां सुरक्षा का भारी संकट था, इसलिए बच्चों को तुरंत शासकीय भोलियावास और पीजी कॉलेज के हॉस्टल में निशुल्क शिफ्ट कर दिया गया है। फिलहाल अंदरूनी हिस्से में बुलडोजर चलने के बाद अब शहरवासियों की नजरें अंबेडकर रोड पर बनी पक्की दुकानों और पेट्रोल पंप पर टिकी हैं, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल पंप पर हाईकोर्ट का स्टे होने के कारण उस पर नियमनुसार विचार किया जा रहा है।
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