एमपी शीतकालीन सत्र में पंचायत राज अधिनियम में संशोधन की तैयारी, ई-विधान प्रणाली होगी लागू
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर में संभावित है। सत्र में द्वितीय अनुपूरक बजट और पंचायत राज अधिनियम में संशोधन विधेयक पेश हो सकता है।
मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस सत्र के दौरान सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक बजट सदन में पेश कर सकती है, जिसके जरिए विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों से जुड़े विभागों को अतिरिक्त वित्तीय राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, सत्र के दौरान पंचायत राज अधिनियम में संशोधन से जुड़ा महत्वपूर्ण विधेयक भी सरकार द्वारा लाए जाने की सुगबुगाहट है। संसदीय कार्य विभाग ने सत्र के आयोजन को लेकर नवंबर के अंतिम और दिसंबर के शुरुआती दिनों का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बीच चर्चा के बाद अंतिम मुहर लगेगी।
💻 विधायकों को दी जा रही डिजिटल ट्रेनिंग: शीतकालीन सत्र से लागू होगी 'ई-विधान' व्यवस्था
इस बार के शीतकालीन सत्र की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें 'ई-विधान' व्यवस्था को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा। इसके तहत सदन के सभी विधायकों को प्रश्न-उत्तर, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, कार्यसूची और अन्य सभी विधायी दस्तावेज पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस आधुनिक तकनीकी व्यवस्था से विधायकों को रूबरू कराने के लिए 28 से 30 अक्टूबर तक विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 'कॉलोनाइजर एक्ट' में बदलाव के लिए भी प्रारूप तैयार किया गया है, जिसे सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सदन में पेश किया जा सकता है।
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