रतलाम में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का छलका दर्द; बोले—'केंद्र, राज्य और निगम में हमारी सरकार, फिर भी कार्यकर्ता की सुनवाई नहीं'
रतलाम में मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामलाल कल्याणे ने अपनी ही सरकार और नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश के रतलाम नगर निगम में आयोजित 'मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर' उस समय अचानक गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पार्टी नेता रामलाल कल्याणे ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने ही मंच से अपना दर्द बयां कर दिया।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पत्नी के प्लॉट पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायत नगर निगम कमिश्नर और सिटी इंजीनियर से कई बार की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुनवाई या कार्रवाई नहीं हुई। शिविर के दौरान महापौर, बीजेपी जिलाध्यक्ष और जिला कलेक्टर की मौजूदगी में उन्होंने नगर निगम प्रशासन और अधिकारियों की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए।
🎙️ 'सब जगह बीजेपी की सरकार, फिर भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी'
शिविर में माइक संभालते ही रामलाल कल्याणे ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और नेताओं को चौंका दिया।
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सरकार पर सवाल: उन्होंने कहा, "केंद्र से लेकर प्रदेश और नगर निगम तक में हमारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। लेकिन बेहद दुख की बात है कि हम जैसे पुराने और निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ताओं की ही कोई सुनवाई नहीं हो रही है।"
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कलेक्टर से गुहार: उन्होंने मंच से सीधे जिला कलेक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि “आप इस पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान लीजिए।”
📜 जनसंघ और जनता पार्टी से जुड़ाव, फिर भी नगर निगम के चक्कर काटने को मजबूर
बीजेपी नेता कल्याणे ने बताया कि वे जनसंघ के जमाने से लेकर जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी के लगातार सक्रिय सदस्य और पदाधिकारी रहे हैं।
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मामला क्या है? उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज वैध प्लॉट पर कुछ दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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अधिकारियों का रवैया: इस संबंध में वे कई बार नगर निगम कमिश्नर और सिटी इंजीनियर के कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें आज तक न्याय या कोई ठोस समाधान नहीं मिल सका है।
⚖️ कलेक्टर अजय कटेसरिया ने दिया जांच का आश्वासन
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता द्वारा सरेआम सुनवाई न होने का मुद्दा उठाए जाने पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने स्थिति को संभालते हुए कहा:
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"वर्तमान में शिविर में दूसरा पक्ष मौजूद नहीं है, इसलिए केवल एक पक्ष की बात सुनकर तुरंत अंतिम कार्रवाई के निर्देश देना उचित नहीं होगा।"
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हालांकि, कलेक्टर ने तुरंत नगर निगम के अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर लिखित आदेश जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि आवेदक जांच से असंतुष्ट रहते हैं, तो वे नियमानुसार कोर्ट में या कलेक्टर न्यायालय में अपील कर सकते हैं।
इस पर भाजपा नेता ने अधिकारियों की पोल खोलते हुए कड़े शब्दों में कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों का यह रवैया रहा है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर वास्तविक जांच करने तक नहीं गया है।
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