इंदौर लोकल न्यूज़: व्यापार के साथ भगवान की भक्ति की अनूठी मिसाल, चाणक्यपुरी चौराहे के इस पेट्रोल पंप की चर्चा हर तरफ
इंदौर के चाणक्यपुरी चौराहे पर एक पेट्रोल पंप मालिक संजय दुबे पिछले 20 वर्षों से अपने पंप पर रामचरितमानस का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने 108 बार पाठ करने का संकल्प लिया है।
ईश्वर की सच्ची प्रार्थना मंदिर, दुकान, खेत-खलिहान और घर—यानी किसी भी पवित्र स्थान से की जा सकती है। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक ऐसे ही अनूठे पेट्रोल पंप मालिक हैं, जो अपने आराध्य की भक्ति में इतने तल्लीन हैं कि वे पिछले 20 वर्षों से अपने पेट्रोल पंप पर ही लगातार रामचरितमानस का पाठ कर रहे हैं। व्यापार और आध्यात्म का यह अनूठा मेल हर किसी को अचंभित कर रहा है।
🏪 भगवान राम के हवाले पूरा पेट्रोल पंप, ऑनलाइन संभालते हैं निगरानी
इंदौर के व्यस्त चाणक्यपुरी चौराहे पर संजय दुबे का पेट्रोल पंप स्थित है। संजय शहर के ऐसे इकलौते पेट्रोल पंप मालिक हैं, जिन्होंने अपने पंप की तमाम व्यवस्थाओं को पूरी तरह से भगवान राम के भरोसे छोड़ रखा है। उनका दृढ़ विश्वास है कि "जिसने हमें सब कुछ दिया है, वही आगे भी सब संभालेगा।"
संजय का यह सरल व्यवहार और ईश्वर के प्रति अटूट भरोसा देखकर उनके पंप के सभी कर्मचारी भी पूरी शिम्मेदारी और ईमानदारी से कामकाज संभालते हैं। पेट्रोल बिक्री से लेकर पूरा हिसाब-किताब ऑनलाइन होने के कारण उन्हें केवल अपनी निगरानी रखनी होती है, जिससे उन्हें अपनी साधना के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
🎶 शाम ढलते ही हारमोनियम और माइक पर शुरू हो जाता है पाठ
संजय दुबे ने अपने पेट्रोल पंप के मैनेजर और अन्य कर्मचारियों को कामकाज में पूरी तरह पारंगत कर रखा है। जब भी उन्हें थोड़ा मौका मिलता है, वे अपनी रामचरितमानस की संगत पंप पर ही सजा लेते हैं।
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संगीत के साधन: व्यवस्था के तौर पर उन्होंने अपने पास एक हारमोनियम, एक माइक और एक स्पीकर रखा हुआ है, जिस पर वे सुरीली आवाज में दोहे और चौपाइयां गुनगुनाते हैं।
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भक्तिमय माहौल: जैसे ही शाम ढलती है, दुबे जी रामचरितमानस का नियमित पाठ शुरू कर देते हैं, जिससे आसपास का पूरा इलाका भक्तिमय हो जाता है।
👥 पेट्रोल डलवाने आने वाले ग्राहक भी हो जाते हैं शामिल
इस दौरान जो लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल डलवाने के लिए पंप पर आते हैं, वे पेट्रोल पंप मालिक को इस तरह रामचरितमानस की चौपाइयां गाते देख पहले तो आश्चर्य में पड़ जाते हैं। लेकिन धीरे-धीरे कई ऐसे ग्राहक भी सामने आते हैं, जो उनके साथ बैठकर रामचरितमानस का पाठ सुनने और उसमें शामिल होने लगते हैं। इस अनोखे माहौल के कारण पेट्रोल पंप और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र पूरी तरह से भक्ति भाव से सराबोर नजर आता है।
🎯 108 बार रामचरितमानस पाठ पूरा करने का है संकल्प
पंप मालिक संजय दुबे ने बताया कि "मैंने बीते 22 वर्षों में अब तक 56 बार रामचरितमानस का पूरा पाठ किया है, लेकिन मेरा अंतिम संकल्प जीवन में 108 बार रामचरितमानस का पाठ पूरा करने का है।"
उन्होंने कहा कि इस संकल्प के आगे अगर उन्हें बाकी जरूरी काम भी छोड़ने पड़े, तो वे छोड़ सकते हैं, लेकिन रामचरितमानस का पाठ करना कभी नहीं भूलते। उनका मानना है कि उनके जीवन में कामकाज के साथ-साथ भक्ति भाव के प्रति समर्पण और लगाव हमेशा से एक समान रहा है।
🎙️ पहले सीखा शास्त्रीय गायन, फिर शुरू की रामायण की संगत
संजय दुबे कभी भी फिल्मी या फूहड़ गानों की तर्ज पर पाठ नहीं करते हैं। जब उन्होंने इसका संकल्प लिया, तब उन्होंने महसूस किया कि मध्यकालीन दौर में चाहे कबीर हों, मीराबाई हों या अन्य महापुरुष—उन्होंने पहले संगीत और गायन सीखा और उसके बाद ही दोहे व साहित्य की रचना की।
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किससे मिली प्रेरणा? उन्होंने बताया कि उन्हें रामचरितमानस की चौपाइयां गाने की प्रेरणा हरि ओम शरण, रमेश ओझा, छन्नू लाल मिश्रा और अनूप जलोटा जैसे दिग्गज गायकों को सुनकर मिली।
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गायकाचार्य का प्रशिक्षण: शुरुआत में उन्हें उनकी तरह सही लय और सुर में गाना नहीं आता था। इसलिए उन्होंने रामायण और रामचरितमानस का पाठ शुरू करने से पहले बाकायदा संगीत और गायन का प्रशिक्षण लिया।
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वैज्ञानिक लाभ: जब उन्हें विश्वास हो गया कि वे सुर में गा पा रहे हैं, तब उन्होंने इसकी विधिवत शुरुआत की। रामचरितमानस एक ऐसा दिव्य ग्रंथ है जिसकी हर चौपाई 16 मात्रा में रची गई है, और इसके पाठ से शरीर का प्राकृतिक प्राणायाम भी होता है।
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