राष्ट्रीय समाचार: 6000 करोड़ के महादेव ऐप घोटाले में बड़ा अपडेट; सीबीआई के बाद ईडी भी करेगी आरोपी सौरभ चंद्राकर को गिरफ्तार
महादेव सट्टेबाजी ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को दिल्ली कोर्ट ने 2 दिन की सीबीआई ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है। सीबीआई उसे अब रायपुर कोर्ट में पेश करेगी।
लगभग छह हजार करोड़ रुपये के चर्चित और बहुचर्चित 'महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप' (Mahadev Online Betting App) घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की एक अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। हाल ही में ओमान देश से प्रत्यर्पित (Extradited) करके भारत लाए गए सौरभ चंद्राकर को सीबीआई अब छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित विशेष अदालत में ले जाकर पेश करेगी। हालांकि, अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने सीबीआई की हिरासत और ट्रांजिट रिमांड का कड़ा विरोध किया, लेकिन अदालत ने जांच एजेंसी के तथ्यों को स्वीकार करते हुए अर्जी मंजूर कर ली। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी आरोपी के खिलाफ आगे की दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
🏛️ राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंजूर की सीबीआई की ट्रांजिट रिमांड; ओमान से हुआ था प्रत्यर्पण
कोर्ट की सुनवाई और ट्रांजिट रिमांड का विवरण:
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कोर्ट का आदेश: प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने 6000 करोड़ रुपये के सट्टेबाजी मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया।
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रविवार को भारत आगमन: आरोपी सौरभ चंद्राकर को रविवार को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। सोमवार को सीबीआई ने उसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया और छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश करने हेतु ट्रांजिट रिमांड की मांग की।
⚖️ बचाव पक्ष की दलीलों पर कोर्ट का फैसला; ईडी भी करेगी जल्द गिरफ्तारी
अदालत में हुई बहस और जांच एजेंसियों का रुख:
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वकील की आपत्ति: सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष के वकील ने सीबीआई की मांग पर कड़ी आपत्ति जताई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को ओमान से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के मामले में प्रत्यर्पित किया गया है, न कि सीबीआई के मुख्य मामले में, इसलिए उसे सीबीआई की कस्टडी में नहीं दिया जाना चाहिए।
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ईडी का एक्शन प्लान: वहीं दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत को अवगत कराया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी सौरभ चंद्राकर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) पहले से जारी है। ईडी ने साफ किया कि वह भी इस धनशोधन मामले में आरोपी को जल्द अपनी औपचारिक हिरासत में गिरफ्तार करेगी।
📑 सीबीआई के 2 और ईडी का 1 केस दर्ज; तीनों मामलों में दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
आपराधिक मामलों और चार्जशीट की स्थिति:
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दर्ज केस और चार्जशीट: महादेव सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट से जुड़े इस मामले में सौरभ चंद्राकर के खिलाफ सीबीआई द्वारा दो पृथक मामले और ईडी द्वारा एक मामला दर्ज किया गया है। इन तीनों ही मामलों में दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियां पूर्व में ही चार्जशीट (आरोप-पत्र) दाखिल कर चुकी हैं।
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रायपुर कोर्ट में पेशी: सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, चंद्राकर महादेव ऑनलाइन ऐप से संचालित 6000 करोड़ रुपये के कथित अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क का मुख्य सरगना है। ओमान से उसके सफल प्रत्यर्पण के बाद अब उसे रायपुर की विशेष अदालत में प्रस्तुत कर मामले से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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