इंदौर समाचार: मेट्रो टनल निर्माण में बना रिकॉर्ड, एक दिन में चढ़ाई गईं 11 रिंग्स; 20 मीटर गहराई में चल रहा काम
इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड टनल निर्माण का मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया निरीक्षण। अत्याधुनिक TBM नर्मदा मशीन से 20 मीटर गहराई में चल रहा काम।
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए भूमिगत सुरंग (अंडरग्राउंड टनल) का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को एयरपोर्ट रोड पर निर्माणाधीन अंडरग्राउंड टनल का औचक दौरा किया और चल रहे निर्माण कार्यों की सूक्ष्मता से समीक्षा की। टनल की प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में टनल के भीतर प्रतिदिन 8 से 9 रिंग्स लगाई जाती हैं, लेकिन यहां की कुशल कार्यदात्री टीम ने एक दिन में 11 रिंग्स स्थापित कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है, जिससे कार्य समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सके।
⚙️ 20 मीटर गहराई में विश्व की एडवांस तकनीक; दो साल में पूरा होगा टनल का यह प्रोजेक्ट
निर्माण की तकनीकी विशेषताएं और गहराई:
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अत्याधुनिक मशीनरी: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इंदौर में टनल निर्माण के लिए दुनिया की सबसे उन्नत और हाई-टेक मशीनें लाई गई हैं।
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गहराई और प्रगति: सतह से लगभग 20 मीटर की गहराई में यह टनल बनाई जा रही है। अब तक कुल 90 मीटर लंबी टनल का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, तकनीकी जटिलताओं और सुरक्षा मानकों को देखते हुए पूरे प्रोजेक्ट को मुकम्मल होने में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा।
🪔 मेट्रो अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ बैठक; श्रमिकों को मिठाई खिलाकर दी दीपावली की शुभकामनाएं
श्रमिकों का सम्मान और उत्सव:
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समीक्षा बैठक: निरीक्षण के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने मेट्रो रेल कंपनी के जनरल मैनेजर राजपूत और अन्य वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ बैठक कर अब तक हुए कार्यों का जायजा लिया।
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दिवाली की बधाई: इस अवसर पर उन्होंने टनल निर्माण में दिन-रात जुटे टेक्निशियंस, इंजीनियरों और मैदानी श्रमिकों के अथक परिश्रम की सराहना की। उन्होंने सभी को दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए अपने हाथों से मिठाई खिलाई।
🛡️ सुरक्षा के कड़े इंतजाम; सेंसर से हो रही भवनों और जमीन की लगातार निगरानी
मेट्रो रेल कंपनी के अध्यक्ष एस. कृष्ण चैतन्य द्वारा दी गई जानकारी:
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इंस्ट्रूमेंटेशन स्कीम: जमीन और आसपास की इमारतों की संरचनात्मक स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखने के लिए विशेष इंस्ट्रूमेंटेशन स्कीम तैयार की गई है।
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सेंसर तकनीक: इसके तहत लगाए गए आधुनिक सेंसर जमीन या भवनों में होने वाले अत्यंत सूक्ष्म बदलाव (माइनर चेंज) की जानकारी भी तुरंत विशेषज्ञों तक पहुंचाएंगे, जिससे समय रहते उचित सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। इससे आम नागरिकों और संपत्तियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित होगी।
🦾 'EPB' तकनीक पर आधारित है शक्तिशाली 'नर्मदा' टीबीएम मशीन
मशीन की विशेषताएं:
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दाब संतुलन तकनीक: टनल बोरिंग मशीन (TBM) 'नर्मदा' अर्थ प्रेशर बैलेंस (EPB) तकनीक पर आधारित है। मशीन के आगे बढ़ने के साथ-साथ पीछे प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग्स स्थापित होती जाती हैं।
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सुरक्षा फीचर्स: इसमें निर्धारित अलाइनमेंट पर सटीक संचालन, एडवांस्ड गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपात स्थिति के लिए 'वन सेकंड इमरजेंसी स्टॉप' और कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग जैसी उच्चस्तरीय तकनीकी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
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विशेष विवरण: इस मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और इसकी कुल लंबाई लगभग 102 मीटर है। यह मशीन थाईलैंड में Factory Acceptance Test (FAT) सफलतापूर्वक पास करने के बाद इंदौर लाई गई थी, जिसे एयरपोर्ट स्टेशन से असेंबल कर भूमिगत टनल निर्माण के लिए लॉन्च किया गया है।
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