जबलपुर समाचार: बिना सीबीएसई मान्यता के संचालन का आरोप, हाईकोर्ट ने छात्र के भविष्य को ध्यान में रखकर दिया आदेश

जबलपुर के स्टेम फील्ड स्कूल की मान्यता पर विवाद। हाईकोर्ट ने छात्र को 7 दिन में टीसी और मार्कशीट देने के दिए निर्देश। डीईओ कराएंगे मामले की जांच।

Nov 05, 2026 - 15:16
0
जबलपुर समाचार: बिना सीबीएसई मान्यता के संचालन का आरोप, हाईकोर्ट ने छात्र के भविष्य को ध्यान में रखकर दिया आदेश

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित आनंद नगर के प्रतिष्ठित स्टेम फील्ड इंटरनेशनल स्कूल (Stem Field International School) की मान्यता को लेकर एक बड़ा और गंभीर विवाद सामने आया है। स्कूल पर यह बड़ा आरोप है कि वह सीबीएसई (CBSE) की मान्यता होने का दावा कर धड़ल्ले से बच्चों को प्रवेश दे रहा है, जबकि आनंद नगर स्थित मुख्य कैंपस के पास स्वतंत्र रूप से सीबीएसई की वैध मान्यता नहीं है। स्कूल में आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई और होम एग्जाम भी कराए जा रहे हैं। जब एक जागरूक अभिभावक को इस अनियमितता की भनक लगी, तो उन्होंने अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवा लिया, लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) देने से इनकार करने पर मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक जा पहुंचा।

🎒 स्कूल में पढ़ रहे 2500 से अधिक छात्र; मान्यता को लेकर अभिभावक को हुआ संदेह

विवाद की पृष्ठभूमि और शुरुआत:

  • छात्रों की संख्या: जबलपुर के बलदेव बाग और आनंद नगर स्थित स्टेम फील्ड इंटरनेशनल स्कूल में वर्तमान में 2500 से ज्यादा बच्चे अध्ययनरत हैं।

  • पत्राचार और आनाकानी: इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र के पिता अखिलेश चंद्र त्रिपाठी ने जब सातवीं की परीक्षा के दौरान स्कूल की मान्यता को लेकर पत्राचार किया, तो उन्हें संदेह हुआ। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मान्यता से जुड़े मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने में आनाकानी की और जो कागजात दिए गए, वे किसी अन्य कैंपस की मान्यता से संबंधित थे।

🛑 दस्तावेज मांगने पर टीसी देने से किया इनकार; हाईकोर्ट में दायर हुई रिट याचिका

कानूनी लड़ाई और हाईकोर्ट का रुख:

  • फीस विवाद: अखिलेश त्रिपाठी ने अपने बेटे का नाम स्कूल से कटवाते हुए मार्कशीट और टीसी की मांग की, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर टीसी देने से मना कर दिया कि छात्र की फीस बकाया है। अभिभावक का कहना था कि यदि स्कूल अपनी सही मान्यता के दस्तावेज दिखा देता, तो वे फीस जमा करने को तैयार थे।

  • हाईकोर्ट का आदेश: समाधान न मिलने पर अभिभावक की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई। एडवोकेट के अनुसार, जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने छात्र के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए स्कूल प्रबंधन को 7 दिन के भीतर छात्र की मार्कशीट और टीसी उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्कूल की मान्यता को लेकर भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

🔍 वेबसाइट के दस्तावेजों से उठे सवाल; जिला शिक्षा अधिकारी कराएंगे निष्पक्ष जांच

प्रशासनिक जांच और नियम:

  • सीबीएसई के नियम: स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर सीबीएसई का एक पुराना पत्र अपलोड है, जिसमें उल्लेख है कि स्कूल को पुराने पते से नए पते पर स्थानांतरित किया गया है और पुराने परिसर में कोई स्कूल संचालित नहीं होगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि पुराने परिसर में किस आधार पर कक्षाएं चल रही हैं। सीबीएसई नियमों के अनुसार एफिलिएटेड नंबर डिस्प्ले बोर्ड पर होना अनिवार्य है।

  • डीईओ का बयान: मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में भी पहुंच चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और वे इस पूरे मामले की जल्द ही गहन जांच करवाएंगे। यदि स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाया जाता है या नियमों के विरुद्ध परीक्षाएं कराई जा रही हैं, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User