मध्य प्रदेश न्यूज़: छिंदवाड़ा में पानी के लिए हाहाकार, अक्टूबर में सीएम हेल्पलाइन पर पहुंची 271 शिकायतें
छिंदवाड़ा शहर में गंभीर पेयजल संकट, 10-15 दिन में हो रही पानी की सप्लाई। सीएम हेल्पलाइन पर पहुंची 271 शिकायतें, कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट के सामने किया प्रदर्शन।
छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर में पेयजल संकट दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है। हालात यह हैं कि शहरवासी पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहताज हो चुके हैं। इस वर्ष मानसून के दौरान पर्याप्त बारिश न होने के कारण शहर के तमाम जलस्रोत लगभग खाली पड़े हैं। इस संकट का असर बारिश के दिनों से ही दिखने लगा था, जब शहर में हर तीसरे दिन पानी की सप्लाई की जा रही थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है। शहर के कई इलाकों में अब पेयजल सप्लाई 10 से 15 दिन में महज एक बार हो रही है, वह भी इतनी अपर्याप्त होती है कि लोगों को महीने में बमुश्किल 2 या 3 बार ही पानी नसीब हो रहा है।
🚰 कन्हरगांव के जलस्तर में भारी गिरावट; कागजों तक सीमित रह गई नगर निगम की प्लानिंग
जल संकट और कागजी दावे:
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शुरुआत से किल्लत: छिंदवाड़ा के अधिकांश क्षेत्रों में सर्दियों की शुरुआत से पहले ही पीने के पानी की भीषण किल्लत शुरू हो गई थी।
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माचागोरा का पानी: कन्हरगांव के जलस्तर में तेजी से आई गिरावट के बाद नगर निगम ने माचागोरा बांध का पानी भरतादेव तक पहुंचाने का निर्णय लिया था। धरमटेकड़ी फिल्टर प्लांट से जिन ग्रामीण 19 वार्डों में पानी जाता था, वहां कटौती करते हुए अब नगर निगम 31 वार्डों में पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है। हालांकि, धरातल पर यह प्लानिंग केवल कागजों तक ही सीमित दिख रही है और पूरा शहर पानी के लिए त्राहिमाम कर रहा है।
📞 जनता का फूटा गुस्सा: अक्टूबर माह में ही सीएम हेल्पलाइन 181 पर दर्ज हुईं 271 शिकायतें
जनता की परेशानी और नाराजगी:
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सीएम हेल्पलाइन का सहारा: स्थानीय जनता का आक्रोश अब सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुका है। सिर्फ अक्टूबर महीने में ही शहरवासियों ने पानी के गंभीर संकट को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर 271 शिकायतें दर्ज कराई हैं।
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अनसुनी फरियाद: नागरिकों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर पहले स्थानीय पार्षदों और नगर निगम दफ्तर के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन वहां उनकी शिकायतों को कोई तवज्जो नहीं दी जा रही है। जब जनता पूरी तरह त्रस्त हो गई, तब उन्होंने 181 पर कॉल कर सीधे मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है। जनता का अब एक ही सवाल है— "आखिर हमें पर्याप्त पानी कब मिलेगा?"
🚩 कलेक्ट्रेट के सामने कांग्रेस का हल्लाबोल; नगर निगम कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन:
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रैली और नारेबाजी: भीषण पेयजल संकट के विरोध में बुधवार को स्थानीय कांग्रेस पार्टी ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। राजीव भवन से शुरू हुई कांग्रेस की यह रैली जिला अस्पताल, कोतवाली थाना, अनगढ़ हनुमान मंदिर और महात्मा गांधी चौक से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।
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नारेबाजी: कार्यकर्ताओं के हाथों में "जितना जल, उतना ही कर, पानी हमारा अधिकार है, हमें नियमित पानी दीजिए" लिखी तख्तियां थीं।
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कमिश्नर से चर्चा: प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे तो कांग्रेस ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया और कहा कि यह मामला सीधे नगर निगम से जुड़ा है। अंततः काफी हंगामे के बाद नगर निगम कमिश्नर चंद्र प्रकाश राय कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां कांग्रेस नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर पेयजल समस्या के त्वरित समाधान की मांग की।
📊 "सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रही है सरकार": जिला कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
राजनीतिक बयानबाजी:
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जिला अध्यक्ष का आरोप: जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि कलेक्ट्रेट में पेयजल संकट को लेकर अनगिनत बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन परिणाम शून्य है। जनता को सिर्फ झूठे आश्वासन मिले हैं, अब हमें कोरे आश्वासनों की नहीं बल्कि ठोस समाधान की जरूरत है। नियमित पानी कब तक मिलेगा, इसकी निश्चित तारीख तय होनी चाहिए।
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पूर्व कार्यकाल का जिक्र: शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ के कार्यकाल में 70 ट्यूबवेल खनन कराए गए थे, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है। इस गंभीर संकट को लेकर शहर की जनता में भारी रोष व्याप्त है।
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