इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त: NHAI की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- जमीनी सच्चाई से बच रहा प्राधिकरण
इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त। NHAI पर वास्तविक स्थिति से बचने का आरोप, जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी।
इंदौर: इंदौर-देवास बायपास मार्ग की दयनीय स्थिति, सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों और बदहाली को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) धरातल की वास्तविक स्थिति का सामना करने से बचने की कोशिश कर रहा है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद प्राधिकरण के वकील केवल याचिकाकर्ता के अधिकार और याचिका की पोषणीयता जैसे तकनीकी पहलुओं पर ही बहस कर रहे हैं, जबकि मुख्य मुद्दे यानी जनता की सुरक्षा और सड़क के रखरखाव की अनदेखी की जा रही है।
🚗 जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान NHAI के रवैये पर कोर्ट की नाराजगी; गड्ढों से परेशान हैं वाहन चालक
न्यायालयीन कार्यवाही और बायपास के हालात:
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गंभीर टिप्पणियां: राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर चल रही इस महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सड़क की जर्जर हालत और आम नागरिकों को हो रही परेशानियों के असली मुद्दों का सामना करने से प्राधिकरण कतरा रहा है।
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याचिका के मुख्य बिंदु: बायपास पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए यह जनहित याचिका दायर की गई है। कोर्ट की इस सख्ती के बाद अब NHAI पर प्रशासनिक और कानूनी दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे जल्द ही सड़क सुधार कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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