श्री महाकाल मंदिर की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक; 472 करोड़ की एफडी और 300 करोड़ का सोना
श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सार्वजनिक की मंदिर की संपत्ति। 472 करोड़ की एफडी, 90 एकड़ जमीन और करोड़ों के आभूषण। जानें महाकाल मंदिर की पूरी रिपोर्ट।
उज्जैन। श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर की संपत्ति का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। 'महाकाल लोक' के निर्माण के बाद से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर मंदिर की आय पर पड़ा है। दान में मिलने वाली नकद राशि और बहुमूल्य आभूषणों के कारण मंदिर की संपत्ति में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
📊 संपत्ति का विस्तृत विवरण
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, श्री महाकाल मंदिर की वर्तमान संपत्ति इस प्रकार है:
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फिक्स्ड डिपाजिट (एफडी): करीब 472 करोड़ रुपये (यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया में)।
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अन्य बैंक जमा: लगभग 16 करोड़ रुपये।
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भूमि: मंदिर के स्वामित्व में लगभग 90 एकड़ भूमि है।
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आभूषण: 300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना और 20 क्विंटल से अधिक चांदी।
📈 आय और बढ़ते खर्च का गणित
गत वर्ष मंदिर को कुल 142 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, जिसमें 78 करोड़ रुपये केवल दान के रूप में प्राप्त हुए। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा, मंदिर प्रबंधन और अन्य प्रकल्पों के संचालन में करीब 135 करोड़ रुपये का खर्च आया है। आभूषणों के दान में भी जबरदस्त उछाल आया है; पिछले वर्ष मंदिर को 592.36 किलो चांदी और 1.48 किलो सोना दान में प्राप्त हुआ।
🙏 श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या
महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के आंकड़ों में भारी उछाल आया है। पहले जो संख्या महाशिवरात्रि या शाही सवारी जैसे विशेष अवसरों पर होती थी, अब वह संख्या सामान्य दिनों में भी दिखाई देती है। कई बार उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या शहर की कुल जनसंख्या के बराबर या 6 लाख के पार तक पहुँच जाती है, जो उज्जैन की बढ़ती धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।
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