रेलवे का बड़ा फैसला; इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत प्रमुख स्टेशनों पर 20 जुलाई से आउटसोर्स होंगे पूछताछ केंद्र

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने 9 स्टेशनों पर 24/7 पूछताछ सेवा का फैसला लिया। हैदराबाद की एजेंसी संभालेगी कमान, यात्रियों को मिलेगी 24 घंटे सहायता।

Jul 13, 2026 - 16:22
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रेलवे का बड़ा फैसला; इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत प्रमुख स्टेशनों पर 20 जुलाई से आउटसोर्स होंगे पूछताछ केंद्र

इंदौर। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के 9 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ (इंक्वायरी) काउंटर 24/7 यानी चौबीसों घंटे चालू रहेंगे। 20 जुलाई 2026 से इंदौर, रतलाम, उज्जैन, दाहोद, नीमच, चित्तौड़गढ़, देवास, नागदा और डॉ. अंबेडकर नगर (महू) रेलवे स्टेशनों पर यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

🏢 हैदराबाद की कंपनी संभालेगी संचालन

इस नई व्यवस्था के तहत पूछताछ केंद्रों का संचालन अब आउटसोर्स किया जा रहा है। इसके लिए हैदराबाद की 'मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी' का चयन किया गया है। रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि एजेंसी के कर्मचारियों को कार्यभार संभालने से पहले यात्री सहायता, उद्घोषणा (अनाउंसमेंट) और सूचना प्रणाली का विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सके।

👥 40 ट्रेंड कर्मचारियों की होगी तैनाती

एजेंसी द्वारा इन स्टेशनों पर लगभग 40 प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक कर्मचारी को संबंधित कार्य का कम से कम एक वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा, साथ ही उन्हें स्थानीय भाषा, हिंदी और अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है। ये कर्मचारी यात्रियों को ट्रेन की जानकारी देने के साथ-साथ दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की सहायता, कोच गाइडेंस डिस्प्ले और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट जैसी जिम्मेदारियां संभालेंगे।

💡 क्यों लिया गया आउटसोर्सिंग का निर्णय?

वर्तमान में इन काउंटरों पर टिकट चेकिंग और रिजर्वेशन कैडर के 37 कर्मचारी तैनात थे। टिकट चेकिंग में स्टाफ की कमी के चलते रेलवे को ट्रेनों में जांच कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन रेल कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारियों (टिकट चेकिंग) पर वापस भेजा जा सकेगा। इससे ट्रेनों में बिना जांच वाले कोचों की संख्या कम होगी और रेलवे राजस्व में भी सकारात्मक वृद्धि की उम्मीद है।

📊 भविष्य की योजना और निगरानी

यह व्यवस्था फिलहाल एक वर्ष की अवधि के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जा रही है। कर्मचारी यात्रियों की संख्या और ट्रेन के आवागमन के आंकड़ों का भी संकलन करेंगे, जिससे भविष्य में भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के परिणामों की समीक्षा के आधार पर भविष्य में इसे अन्य स्टेशनों पर भी विस्तार दिया जा सकता है।

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