महाकाल मंदिर में आरती दर्शन की नई व्यवस्था; अब बिना बुकिंग वाले भक्त भी चलित रूप से ले सकेंगे आरती का लाभ
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में सावन-भादौ मास के दौरान नई दर्शन व्यवस्था। अब अधिक श्रद्धालु कार्तिक मंडपम से आरती के दर्शन कर सकेंगे। जानें पूरी अपडेट।
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन और भादौ मास के दौरान उमड़ने वाली भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब संध्या और शयन आरती के दौरान अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें, इसके लिए 'कार्तिक मंडपम' को अधिकतम क्षमता के साथ इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है।
🚶 अब 'चलित' रूप से आरती के कर सकेंगे दर्शन
पूर्व व्यवस्था में संध्या और शयन आरती के लिए बुकिंग के माध्यम से केवल 1,200 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश मिलता था, जो गणेश मंडपम में बैठकर आरती में शामिल होते थे। नई व्यवस्था के तहत, जिन श्रद्धालुओं को आरती की टिकट बुकिंग नहीं मिल पाती है, उन्हें भी निराश नहीं होना पड़ेगा। अब ऐसे श्रद्धालु कार्तिक मंडपम से 'चलित' (लाइन में चलते हुए) रूप में आरती के दिव्य दर्शन का लाभ उठा सकेंगे।
🏛️ कार्तिक मंडपम को खाली रखने की रणनीति
मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि सावन माह में देश भर से आने वाले लाखों भक्तों की मनोकामना रहती है कि उन्हें आरती के दर्शन मिलें। इसी उद्देश्य से कार्तिक मंडपम को पूरी तरह खाली रखा जाएगा, ताकि सामान्य श्रद्धालु कतारबद्ध होकर आरती का आनंद ले सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट और प्रोटोकॉल व्यवस्था पहले की तरह ही संचालित रहेगी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन सुलभ बनाने के लिए यह अतिरिक्त व्यवस्था लागू की गई है।
🙏 भक्तों के लिए सुविधा
मंदिर प्रशासन की इस पहल से उन हजारों भक्तों को राहत मिलेगी जो अब तक सीमित बुकिंग के कारण आरती दर्शन से वंचित रह जाते थे। मंदिर समिति का लक्ष्य यह है कि सावन और भादौ के पवित्र महीनों में अधिकतम संख्या में भक्त बाबा महाकाल की संध्या और शयन आरती का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
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