निर्माणाधीन कमरे में चल रही थी क्लास, वीडियो सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने दिए जांच के आदेश
श्योपुर के आवदा कस्बे में सांई पब्लिक स्कूल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बच्चों को शटरिंग और बांस-बल्लियों के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से मासूम बच्चों की शारीरिक सुरक्षा और बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई है। जिले के आवदा कस्बे में संचालित होने वाले 'सांई पब्लिक स्कूल' में मासूम बच्चों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह है कि बच्चों को शटरिंग लगे एक निर्माणाधीन कमरे के भीतर कमजोर बांस और बल्लियों के सहारे खड़े स्ट्रक्चर के ठीक बीच में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है।
इस अत्यंत खतरनाक लापरवाही का एक वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही आम नागरिकों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। अब हर तरफ से इस लापरवाह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
🏗️ शटरिंग और कमजोर बांस-बल्लियों के नीचे बैठने को मजबूर मासूम बच्चे
वायरल हो रहे इस वीडियो में यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिस कमरे की छत पर लोहे की भारी शटरिंग लगी हुई है और उस छत को थामने के लिए नीचे जगह-जगह कमजोर बांस-बल्लियां लगाई गई हैं, ठीक उसी खतरे के साये के नीचे छोटे-छोटे मासूम बच्चे जमीन पर बैठकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।
यदि इस दौरान निर्माण कार्य में कोई तकनीकी चूक हो जाती या छत का वह कमजोर हिस्सा ढह जाता, तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था और दर्जनों बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
📢 NSUI ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल, मान्यता रद्द करने की मांग
यह वीडियो सामने आते ही एनएसयूआई (NSUI) के छात्र नेताओं ने स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ जिला शिक्षा विभाग की लचर कार्यशैली पर भी कई तीखे सवाल खड़े किए हैं। छात्र संगठन का सीधा सा कहना है कि यदि संबंधित स्कूल परिसर में बच्चों को बैठाने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित कमरे उपलब्ध नहीं थे, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने स्कूल को मान्यता देने से पहले मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की जमीनी जांच क्यों नहीं की?
बच्चों की सुरक्षित जिंदगी को इस तरह दांव पर लगाने वाले इस स्कूल की मान्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाने की पुरजोर मांग की जा रही है।
📋 जिला पंचायत सीईओ का बयान, कहा- निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
यह पूरा मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अमला भी तुरंत हरकत में आ गया है। इस पूरे प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ''इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।''
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)