शिवपुरी में बिजली कटौती के विरोध में चक्काजाम करने वाले सरपंच समेत 13 पर FIR, दो गिरफ्तार
शिवपुरी के सिरसौद गांव में बिजली कटौती के खिलाफ चक्काजाम करने पर सरपंच सहित 13 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। तहसीलदार की कार्रवाई के विरोध में हंगामा हुआ।
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में लंबे समय से चली आ रही अघोषित और भारी बिजली कटौती से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने सोमवार को सिरसौद-पिछोर मुख्य मार्ग पर जोरदार चक्काजाम किया था। इस पूरे मामले में अब पुलिस ने कड़ा और सख्त रुख अपना लिया है। अमोला थाना पुलिस ने विद्युतकर्मी की औपचारिक शिकायत पर घटना के पांच दिन बाद सिरसौद के ग्राम सरपंच सहित 13 नामजद और 50 से 60 अन्य अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
🛣️ ग्रामीणों ने 27 जुलाई को मुख्य मार्ग पर किया था चक्काजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगातार और भीषण बिजली कटौती से पूरी तरह तंग आ चुके ग्राम सिरसौद के निवासियों ने बीते 27 जुलाई को काली माता मंदिर के पास शिवपुरी-पिछोर मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन जाम लगा दिया था।
यह पूरी कार्रवाई लाइनमैन हरभजन जोशी की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस एफआईआर के अनुसार, इस चक्काजाम के कारण हाईवे पर दोनों तरफ से भारी और हल्के वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई थीं। इस दौरान गंभीर स्थिति यह बन गई कि मरीजों से भरी एंबुलेंस और आपातकालीन सहायता देने वाली 'डायल-112' जैसी अति-आवश्यक सेवाएं भी बीच रास्ते में ही फंस गईं, जिससे आम जनता की सुरक्षा और इमरजेंसी सेवाओं पर बेहद बुरा असर पड़ा था।
⚖️ एफआईआर में दर्ज किए गए नाम, दो ग्रामीण हुए गिरफ्तार
पुलिस ने अपनी जांच और शिकायत के आधार पर अतर सिंह लोधी (सरपंच), राहुल सेन, प्रमोद कुशवाह, केशव लोधी, हेमंत लोधी, हरिकिशन लोधी, राधे बाल्मीकी, कल्ला कोली, रिंकू परिहार, पुष्पेंद्र लोधी, महेंद्र झा, धर्मेंद्र लोधी और अन्नी परिहार सहित 50 से 60 अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनमें से राहुल सेन और हेमंत लोधी को गिरफ्तार कर करैरा तहसील न्यायालय में प्रस्तुत किया, जबकि एक अन्य ग्रामीण सुमित साहू को धारा 151 (शांति भंग) के तहत गिरफ्तार किया गया।
🚗 तहसीलदार की कार के आगे लेट गए थे सरपंच, हुआ जमकर हंगामा
ग्राम सिरसौद के सरपंच अतर सिंह लोधी ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब इन तीनों ग्रामीणों को तहसीलदार ललित शर्मा के समक्ष पेश किया गया, तो उन्होंने बिना किसी सुनवाई के सीधे जेल भेजने के वारंट जारी करने के आदेश दे दिए।
सरपंच का कहना है, ''मैंने तहसीलदार साहब से बहुत मिन्नत की कि ये कोई खूंखार अपराधी या लुटेरे नहीं हैं, जिन्हें इस तरह जमानत न दी जाए। लेकिन जब उन्होंने मेरी एक बात नहीं सुनी, तो मुझे मजबूरन विरोधस्वरूप तहसीलदार की सरकारी कार के आगे लेटना पड़ा।'' सरपंच के इस उग्र विरोध और लगभग एक घंटे तक कार्यालय परिसर में चली भारी गहमागहमी के बाद आखिरकार तहसीलदार ने तीनों ग्रामीणों को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।
🔥 ऊर्जा मंत्री की शव यात्रा निकालकर किया गया था अनोखा प्रदर्शन
बिजली कटौती से बुरी तरह नाराज ग्रामीणों ने केवल चक्काजाम ही नहीं किया, बल्कि सिरसौद क्षेत्र में गत 29 जुलाई को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की प्रतीकात्मक अर्थी (शव यात्रा) निकालकर भी अपना विरोध दर्ज कराया था।
ग्रामीणों का साफ तौर पर यह आरोप है कि बुधवार को ऊर्जा मंत्री की शव यात्रा निकालकर किए गए इसी उग्र प्रदर्शन के चलते ही उनके खिलाफ यह बदले की भावना से कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि लाइनमैन हरभजन जोशी की शिकायत पर एक दर्जन से अधिक नामजद और 50-60 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, और आगे की कानूनी जांच जारी है।
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