स्कूली छात्रों को AI में होशियार बनाएगी मोहन यादव सरकार, 60 सीएम राइज/संदीपनी स्कूल होंगे विकसित

मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों को एआई (AI) आधारित शिक्षा देने का फैसला किया है। पहले चरण में प्रदेश के 500 सरकारी स्कूलों में यह तकनीक शुरू की जाएगी।

Aug 05, 2026 - 11:19
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स्कूली छात्रों को AI में होशियार बनाएगी मोहन यादव सरकार, 60 सीएम राइज/संदीपनी स्कूल होंगे विकसित

भोपाल : देश और दुनिया भर में तेजी से बढ़ते एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव को भली-भांति समझते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरदर्शी फैसला लिया है। अब मध्य प्रदेश सरकार अपने सरकारी स्कूलों के स्कूली छात्रों को एआई तकनीक में पूरी तरह दक्ष और होशियार बनाने की तैयारी में जुट गई है। हाल ही में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम और शिक्षा प्रणाली में एआई आधारित तकनीकी शिक्षा को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेशभर के लगभग 500 स्कूलों को एआई शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा।

🤖 प्रदेश के 500 सरकारी स्कूलों में मिलेगी एआई (AI) की आधुनिक शिक्षा

कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते हुए राज्य सरकार के इन महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसलों से अवगत कराया।

इसी दौरान उन्होंने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एआई के उपयोग और उसके विस्तार को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि, "मध्य प्रदेश के कुल 8 जिलों के लगभग 500 सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक एआई आधारित शिक्षा प्रणाली की शुरुआत की जाएगी। इससे हमारे विद्यार्थियों को भविष्य की एआई तकनीक को बहुत कम उम्र से ही बेहतर ढंग से जानने और समझने में भारी मदद मिलेगी, जिससे वे भविष्य की डिजिटल चुनौतियों और उसके सही इस्तेमाल के लिए पहले से ही पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।"

📚 शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष जोर

कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार केवल एआई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के स्तर को व्यापक रूप से सुधारने के लिए कई अन्य बड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 60 'संदीपनी स्कूल' विकसित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 25 हजार 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुमानित खर्च आएगा। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों के वे प्राचार्य (Principals) जो अपने उत्कृष्ट परिणामों से स्कूल को बेहतर बनाएंगे, ऐसे 100 प्रतिभाशाली प्राचार्यों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन के रूप में एक-एक लाख रुपये की नगद सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्कूलों के भौतिक विकास और रखरखाव के लिए 5-5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि अलग से दी जाएगी। स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आने वाले समय में नए शिक्षकों की नियमित भर्ती भी की जाएगी।

🌾 किसानों के लिए 'कवच योजना' को मिली कैबिनेट की हरी झंडी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट की इस बैठक में अन्नदाता किसानों से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों और योजनाओं पर भी बड़े फैसले लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि, "राज्य सरकार के सहकारिता विभाग की बहुप्रतीक्षित 'कवच योजना' को कैबिनेट की तरफ से आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के लागू होने से उन किसानों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें आर्थिक कारणों से 'डिफॉल्टर' मान लिया गया था, और अब उन्हें दोबारा वित्तीय मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया जाएगा।" इस विशेष योजना के दायरे में एपेक्स बैंक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे, तथा इसके सुचारू संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रारंभिक अंशदान निर्धारित किया गया है।

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