इंदौर नगर निगम के 4 साल पूरे, महापौर ने गिनाईं उपलब्धियां और 'अनंत इंदौर' का विजन

इंदौर नगर निगम के चार साल पूरे होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 सालों की नींव को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

Aug 05, 2026 - 11:22
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इंदौर नगर निगम के 4 साल पूरे, महापौर ने गिनाईं उपलब्धियां और 'अनंत इंदौर' का विजन

इंदौर : नगर निगम परिषद के कार्यकाल के चार वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने के इस खास अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक प्रेसवार्ता के दौरान अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियों को सिलसिलेवार तरीके से सबके सामने रखा। मंगलवार को आयोजित चर्चा के दौरान महापौर ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पिछले इन 4 सालों के भीतर इंदौर में ऐसे दूरदर्शी और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं, जो आगामी 25 सालों तक इंदौर शहर की नींव को पूरी तरह मजबूत बनाकर रखेंगे। महापौर ने मेयर इन काउंसिल (MIC) के सदस्यों और मीडिया को विस्तार से समझाया कि किस प्रकार "अनंत इंदौर" की अनूठी अवधारणा को धरातल पर उतारा जा रहा है।

🏆 'इंदौर को नंबर वन बनाए रखना और उसे नई ऊंचाइयों पर ले जाना एक बड़ी चुनौती थी'

इस मौके पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि, "वर्ष 2022 में जब हमारी इस परिषद ने कार्यभार संभाला था, तब इंदौर स्वच्छता में नंबर वन के पायदान पर जरूर था, लेकिन हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को बरकरार रखने के साथ-साथ इसे नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने की थी। सफाई व्यवस्था को केवल कागजों या सामान्य रूप से बनाए रखने के बजाय हमने उसके बुनियादी ढांचे को बेहद मजबूत करने, आधुनिक तकनीकों को जोड़ने और विभिन्न नवाचारों के जरिए शहर को भविष्य की हर जरूरत के अनुरूप तैयार करने का सराहनीय प्रयास किया।"

महापौर ने अपनी बात रखते हुए यह भी कहा कि शहर में एक साथ बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू होने के कारण निश्चित रूप से आम नागरिकों को आवागमन और अन्य मामलों में थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा होगा, जिसके लिए वे जनता से स्वयं खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परिषद ने केवल वर्तमान की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि वर्ष 2047 के उन्नत और आधुनिक इंदौर को केंद्र में रखकर अपनी योजनाएं तैयार की हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को और अधिक बेहतर नागरिक और बुनियादी सुविधाएं सुलभ हो सकें।

📈 शहर की तेजी से बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं योजनाएं

महापौर ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2011 की कुल आबादी की तुलना में आज शहर में रिहायशी मकानों की संख्या लगभग दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है।

इसी लगातार बढ़ती हुई आबादी के दबाव को ध्यान में रखते हुए नर्मदा जल प्रदाय योजना के चौथे चरण का कार्य बहुत तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से आने वाले समय में शहर को 900 एमएलडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए वित्तीय प्रबंधन के तहत 1600 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है, और इसके साथ ही भविष्य के लिए एक हजार करोड़ रुपये का 'ब्लू बॉन्ड' लाने की भी पुख्ता तैयारी चल रही है।

इसके अतिरिक्त, मास्टर प्लान की 24 प्रमुख सड़कों का निर्माण कार्य, विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग से शहर में 16 नए फ्लाईओवर और ब्रिज का निर्माण, 'नमामि गंगे' और 'अमृत-2' योजना के तहत आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का विकास तथा जिन इलाकों में अब तक ड्रेनेज लाइन नहीं है, वहाँ सीवर नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

💡 आम नागरिकों की जनसुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

जनहित के कार्यों की जानकारी देते हुए महापौर ने बताया कि नगर निगम ने शहर में सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े जनजागरण अभियान चलाए हैं।

शहरभर में एक लाख से अधिक आधुनिक वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराए जा चुके हैं, और लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके अलावा शहर में एक लाख दस हजार से अधिक ऊर्जा-कुशल एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं ताकि रात के समय सड़कें पूरी तरह रोशन रहें। निगम कार्यालय के पुराने और अहम दस्तावेजों के डिजिटलीकरण तथा स्कैनिंग का कार्य भी युद्धस्तर पर तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के हर एक वार्ड तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 'संजीवनी क्लीनिक' की सौगात पहुँचाई गई है, और इसके साथ ही 'मोक्ष रथ' जैसी संवेदनशील जनसेवा योजनाएं भी निरंतर सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।

🏗️ बीते 4 वर्षों में रखी गई आने वाले 25 सालों के विकास कार्यों की मजबूत नींव

अपने संबोधन के अंत में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने विश्वास जताते हुए कहा कि, "पिछले चार वर्षों के दौरान हमारे द्वारा किए गए तमाम कार्य केवल आज के समय को ध्यान में रखकर नहीं किए गए, बल्कि ये आने वाले पच्चीस वर्षों के आधुनिक इंदौर की एक मजबूत और टिकाऊ बुनियाद तैयार करने वाले हैं।"

उन्होंने कहा कि अब हमारी इस परिषद का मुख्य फोकस शहर के उन तमाम अधूरे पड़े विकास कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करना है, जिससे हमारा इंदौर भविष्य की हर आधुनिक जरूरत के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर और अग्रणी बन सके।

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