ऑटो चालक को कुचलने वाले हाथी पर वन विभाग की नजर, कोर्ट के फैसले तक इंदौर में रहेगा जानवर
इंदौर के चंदन नगर में हाथी द्वारा ऑटो चालक को कुचलने के मामले में वन विभाग ने हाथी को कोर्ट के आदेश तक शहर में ही रखने की शर्त पर सुपुर्द किया है।
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में हाल ही में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जहाँ एक हाथी ने एक ऑटो चालक को अपनी सूंड में दबाकर बेरहमी से कुचल दिया था, जिससे उस गरीब ऑटो चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस पूरे बहुचर्चित मामले में वन विभाग ने अब हाथी को उसके महावत और अन्य लोगों के सुपुर्द कर दिया है। इसके साथ ही विभाग ने यह कड़ी शर्त भी रखी है कि जब तक जिला कोर्ट में इस पूरे मामले की कानूनी सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह हाथी शहर की सीमा से बाहर नहीं जाएगा। फिलहाल, अदालत द्वारा हाथी के मूल महावत और साधुओं को जेल भेजा जा चुका है, जिसके चलते अब हाथी की देखरेख अन्य साधुओं और नए महावतों के द्वारा की जा रही है।
🐘 हाथी ने ऑटो चालक को सूंड में दबाकर कुचल डाला था
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिनों पहले इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र के राजनगर इलाके में ऑटो चालक विजय राव क्षेत्र में आए हुए हाथी को प्यार से गुड़ खिलाने के लिए उसके पास गया था।
इसी दौरान अचानक हाथी ने उसे अपनी सूंड से पकड़कर नीचे गिरा लिया और अपने पैरों से बुरी तरह कुचल दिया। इस गंभीर दुर्घटना के कारण ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद चंदन नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हाथी के संबंध में वन विभाग को आधिकारिक पत्र लिखा, और साथ ही हाथी के महावत व उसके साथ मौजूद अन्य साधुओं के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया था, जहाँ से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
⚖️ कोर्ट के अंतिम फैसले तक इंदौर की सीमा में ही रहेगा हाथी
दूसरी तरफ, इंदौर पुलिस द्वारा हाथी को लेकर वन विभाग को पत्र प्रेषित किया गया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए वन विभाग की रेंजर संगीता ठाकुर ने बताया कि, "हाथी को फिलहाल उसके अधिकृत महावत और साधुओं के सुपुर्द कर दिया गया है, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जब तक न्यायालय में यह पूरा मामला विचाराधीन है, तब तक हाथी को किसी भी स्थिति में इंदौर जिले की सीमा से बाहर नहीं ले जाया जाएगा।"
🚛 ट्रक में चढ़ने को तैयार नहीं था हाथी, लंबी पैदल यात्रा से हो गया था चिड़चिड़ा
वन विभाग की विशेष टीमें इस पूरे मामले में हाथी की गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रखे हुए हैं। उसके रहन-सहन, खान-पान और उसके स्वभाव (व्यवहार) की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस हाथी को किसी शूटिंग के सिलसिले में हैदराबाद ले जाया गया था। जब शूटिंग पूरी होने के बाद उसे वापस ट्रक के माध्यम से उज्जैन लाया जा रहा था, तब रास्ते में महाराष्ट्र के नांदेड़ के पास अचानक ट्रक का टायर पंचर हो गया था।
जब हाथी को ट्रक से उतारकर दोबारा वाहन पर चढ़ाने का प्रयास किया गया, तो वह किसी भी कीमत पर ट्रक में चढ़ने के लिए तैयार ही नहीं हो रहा था।
🚶♂️ लगातार पैदल चलने के कारण गुस्से में आ गया था हाथी
ट्रक में न चढ़ने के कारण महावत और साधुओं को मजबूरी में हाथी को कई किलोमीटर लंबे रास्ते तक पैदल ही चलाना पड़ा था। लगातार कई दिनों तक लंबी दूरी तक पैदल चलने के कारण हाथी काफी थक गया था और उसका स्वभाव काफी चिड़चिड़ा हो गया था।
नांदेड़ की उस घटना के बाद से ही हाथी का मिजाज बदला हुआ है और वह आक्रामक हो जाता है। जिन साधुओं और नए महावतों द्वारा वर्तमान में उसकी देखरेख की जा रही है, वे भी पूरी तरह सतर्क और अलर्ट रहते हुए उसे सुरक्षित रूप से खाद्य सामग्री पहुँचाने का काम कर रहे हैं।
फिलहाल कोई भी व्यक्ति सीधे हाथी के ज्यादा करीब नहीं जा रहा है, बल्कि सुरक्षित दूरी से ही उसे चारा व अन्य खाद्य सामग्री दी जा रही है। वन विभाग ने हाथी को एक पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसके बदलते स्वभाव पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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