उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस का नया एक्शन प्लान तैयार, 11 अगस्त को होगी पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक
विजयपुर और दतिया उपचुनाव में जीत के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक्शन प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। 11 अगस्त को पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक बुलाई गई है।
भोपाल: विजयपुर के बाद अब दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली शानदार जीत ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के डूबे हुए आत्मविश्वास को एक बार फिर से लौटा दिया है। पार्टी अब से ठीक ढाई साल बाद होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से गियर अप होने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए कांग्रेस पूरे प्रदेश में जिला और विधानसभा प्रभारियों का एक नया मजबूत नेटवर्क खड़ा करने जा रही है।
दतिया के चुनावी जश्न से उबरते हुए कांग्रेस पार्टी ने आगामी 11 अगस्त को एक महत्वपूर्ण पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में इस बात पर मुख्य रूप से मंथन किया जाएगा कि अगले ढाई साल तक कांग्रेस किन प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी और जमीन स्तर पर विपक्ष की भूमिका को और अधिक आक्रामक व मजबूत कैसे बनाया जाए। इन तमाम अहम मुद्दों पर इस बैठक में एक ठोस खाका तैयार किया जाएगा।
🚀 उपचुनाव की जीत से बढ़ा पार्टी का कॉन्फिडेंस, तैयार हो रहा है नया एक्शन प्लान
विजयपुर के बाद दतिया विधानसभा सीट पर मिली जीत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के राजनीतिक कद को तो बढ़ाया ही है, साथ ही पूरी पार्टी के कार्यकर्ताओं के कॉन्फिडेंस में भी जबरदस्त इजाफा किया है।
इसी का परिणाम है कि अब कांग्रेस अगले ढाई साल का एक स्पष्ट और प्रभावी एक्शन प्लान तैयार करने जा रही है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, "गांव से लेकर शहर और राजधानी भोपाल तक जनता से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दों को अब और अधिक आक्रामक तरीके से उठाया जाएगा। जमीनी स्तर पर ऐसे जन-अभियान चलाए जाएंगे, जिससे जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सरकार के सामने रखा जा सके।"
👥 11 अगस्त को बुलाई गई पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक, कमलनाथ-दिग्विजय होंगे शामिल
आगामी 11 अगस्त को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी से लेकर कमेटी के सभी प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे।
विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी और कमेटी के बाकी तमाम वरिष्ठ नेता इस महाबैठक में मौजूद रहेंगे। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि पार्टी के आगामी संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दे क्या होंगे। साथ ही, मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस को और अधिक ताकतवर बनाने के लिए विशेष रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी।
🗣️ मुकेश नायक का बड़ा आरोप: "जीतू पटवारी की आवाज को दबाने की कोशिश"
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने एक बड़ा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि, "प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की जनहित की आवाज को दबाने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और हमारे कार्यकर्ता ऐसा कभी नहीं होने देंगे।"
उन्होंने आगे कहा कि इंदौर में जो कुछ भी चल रहा है, उसे ही केंद्र में रखकर पार्टी अपने संगठन को और अधिक मजबूत करेगी और राज्य की मौजूदा सरकार को हर मोर्चे पर घेरेगी।
📉 दतिया में हार के बाद बीजेपी के भीतर शुरू हुआ आत्ममंथन, उमा भारती का बड़ा बयान
एक तरफ जहाँ कांग्रेस अपनी जीत का जश्न मनाते हुए आगे की रणनीति बना रही है, वहीं दूसरी तरफ दतिया उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद अब सत्ताधारी दल (भाजपा) के भीतर से भी आत्ममंथन और तीखी प्रतिक्रियाओं की आवाजें उठने लगी हैं।
हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का एक नया ट्वीट सामने आया है, जिसके शब्दों को यदि डिकोड किया जाए तो साफ झलकता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा है कि आखिर हम सब किसी ना किसी परीक्षा में फेल हो गए। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि, "समर्थक इस बात का कोई अभिमान न पालें कि मेरी वजह से वोट बढ़े, क्योंकि अंत में हम दतिया उपचुनाव हार ही गए।"
💔 "आखिर हम सब किसी ना किसी परीक्षा में फेल हो गए" - उमा भारती
दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उमा भारती ने कहा कि, "मैं अपने सभी समर्थकों से यह अनुरोध करूँगी कि वे इस बात का घमंड न करें कि मेरी वजह से वोट बढ़ गए थे, क्योंकि सच्चाई यह है कि अंत में हम दतिया उपचुनाव हार गए, जिससे मुझे बेहद आघात पहुँचा है।"
उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि, "मैं खुद दतिया उपचुनाव के प्रचार में प्रत्यक्ष रूप से आ नहीं सकी, किंतु मेरे समर्थन में मैंने एक संदेश जरूर भेजा था जो घर-घर पहुँचाया गया और वहाँ कुछ वोट भी मिले। लेकिन आखिरकार हम सब किसी न किसी परीक्षा में फेल हो चुके हैं और हमें अपनी चुनावी रणनीति की बेहद गहन समीक्षा करनी होगी।"
⚖️ उमा भारती की बहू और यशोधरा राजे भी उठा चुकी हैं पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल
गौरतलब है कि उमा भारती से पहले उनकी बहू और पूर्व मंत्री राहुल सिंह की पत्नी उमिता सिंह ने भी दतिया उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद खुलकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि जब पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की जगह अधिकारी यह कहने लगें कि हमारी पहुँच ऊपर तक है, तो चुनावी परिणाम हमेशा विपरीत ही आते हैं। उमिता सिंह ने सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों पर निशाना साधा था और पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार किए जाने का अपना भारी दुख बयां किया था।
इसके अलावा, वरिष्ठ नेत्री और पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी ट्वीट करके यह बात कही थी कि अब समय आ गया है कि पार्टी के भीतर गंभीर आत्ममंथन किया जाए। असल में, दतिया उपचुनाव में भाजपा को मिली हार केवल एक सीट का नुकसान नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद से उपजा असंतोष, समर्थकों का सड़कों पर उतरना और भीतरघात जैसी चर्चाओं के बीच अब इन तमाम बड़े नेताओं के बयानों से यह साफ हो गया है कि भाजपा को अपनी जमीनी रणनीति पर दोबारा विचार करने की सख्त जरूरत है।
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