बड़वानी में रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास की छात्राओं का हंगामा, अधीक्षिका पर पैसे मांगने और दुर्व्यवहार का आरोप
बड़वानी के वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका पर अवैध वसूली और खराब खाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
बड़वानी: जिला मुख्यालय स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय सीनियर कन्या छात्रावास की छात्राओं ने हॉस्टल की अधीक्षिका वंदना पटेल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें उनके पद से तत्काल हटाने की पुरजोर मांग की है। अपनी इन्हीं मांगों को लेकर गुरुवार को छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, छात्रावास की अधीक्षिका ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। छात्राओं के इस उग्र प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
💸 प्रवेश और छात्रवृत्ति के नाम पर हजारों रुपए मांगने का गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का मुख्य आरोप यह है कि छात्रावास में प्रवेश (एडमिशन) दिलाने के एवज में उनसे अवैध रूप से हजारों रुपए की मांग की जाती है। उनका कहना है कि जिन छात्राओं के बैंक खातों में शासन की ओर से छात्रवृत्ति की राशि आती है, उनसे भी जबरन पैसे ऐंठे जाते हैं।
छात्रा शिवानी अंबाराम सोलंकी ने आरोप लगाते हुए बताया कि अब तक लगभग 13 से अधिक छात्राओं से 13 हजार से लेकर 18 हजार रुपए तक वसूले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल उनके पास इन मौखिक आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
छात्राओं ने यह भी शिकायत की कि इससे पहले भी कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें केवल डराया-धमकाया गया। उन्होंने एक छात्रा 'राधिका' का उदाहरण देते हुए बताया कि चयन सूची में नाम होने के बावजूद उसे प्रवेश में देरी का मनगढ़ंत कारण बताकर छात्रावास में एंट्री नहीं दी गई।
🍽️ भोजन की निम्न गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने हॉस्टल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर भी बड़े सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उन्हें नियमित रूप से पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिलता है, और कई बार अपनी पसंद की हरी सब्जी खाने के लिए भी उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ते हैं। छात्राओं का आरोप है कि कई बार इस बात की शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।
इसके अलावा छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उनका कहना है कि छात्रावास के निर्धारित नियमों के अनुसार शाम 5 बजे के बाद किसी भी पुरुष का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद एक अनजान व्यक्ति अक्सर शाम 7 से 8 बजे तक छात्रावास परिसर के अंदर मौजूद रहता था। छात्राओं ने इसे सीधे तौर पर उनके सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
✊ एबीवीपी ने खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग
इस पूरे मामले पर एबीवीपी (ABVP) के जिला संयोजक अंशुमन धनगर ने कहा कि रोटरी स्कूल के पास स्थित इस कन्या छात्रावास को लेकर पिछले एक साल से लगातार गंभीर शिकायतें मिल रही थीं।
यहाँ अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश दिलाने के नाम पर पैसों की अवैध डिमांड की जाती है और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। कई बार लिखित ज्ञापन देने के बावजूद जब प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो मजबूरन छात्राओं के साथ सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ा।
🛡️ अधीक्षिका ने नकारे सभी आरोप, भाई के आने का दिया हवाला
दूसरी ओर, छात्रावास की अधीक्षिका वंदना पटेल ने छात्राओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह पिछले चार दिनों से अवकाश (छुट्टी) पर थीं।
उनके अनुसार एबीवीपी के कार्यकर्ता बिना किसी अनुमति के जबरन छात्रावास परिसर में घुस आए और भोजन व्यवस्था की खुद ही जांच करने लगे। जिस युवक के हॉस्टल में आने की बात कही जा रही है, वह वास्तव में उनके अपने भाई हैं जो किसी आपात स्थिति के चलते वहाँ आए थे।
भोजन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि छात्राओं से केवल अपनी पसंद की सब्जी लाने के लिए सामान्य बातचीत की गई थी, किसी पर भी कोई दबाव नहीं बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि 50 किशोरियों और छात्राओं की जिम्मेदारी संभालना आसान काम नहीं होता, इसलिए हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने के लिए कभी-कभी थोड़ी सख्ती बरतनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से इसी छात्रावास में पूरी निष्ठा से पदस्थ हैं।
🔍 प्रशासन ने दिए जांच के संकेत, सच्चाई आने के बाद होगी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए सहायक आयुक्त रंजना सिंह ने मीडिया को बताया कि, "छात्राओं ने अधीक्षिका के खिलाफ भोजन की गुणवत्ता, खराब व्यवहार और पैसे लेने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन सभी बिंदुओं की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। फिलहाल पैसों के लेन-देन का कोई भी लिखित प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन जांच के दौरान जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)