प्रेग्नेंसी के बावजूद IPS अनु बेनीवाल ने स्कूल-कॉलेज के बाहर मनचलों पर कसा शिकंजा, चलाया 'गरिमा अभियान'
जबलपुर में IPS अनु बेनीवाल ने गर्भावस्था के बावजूद मनचलों के खिलाफ अभियान छेड़ा है। वहीं, छतरपुर के नए कलेक्टर मृणाल मीना ने भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी को तुरंत सस्पेंड कर सख्त संदेश दिया है।
जबलपुर: जब फर्ज निभाना ही प्राथमिकता बन जाए, तो कोई भी रुकावट कदमों को पीछे नहीं खींच सकती। कुछ ऐसा ही जज्बा जबलपुर की आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल दिखा रही हैं। महिला आईपीएस अधिकारी अभी मातृत्व (गर्भावस्था) के दौर से गुजर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हट रही हैं। प्रेग्नेंसी के बावजूद उन्होंने 'गरिमा अभियान' के तहत जबलपुर में स्कूल-कॉलेजों के बाहर आवारागर्दी करने वाले मनचलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को लड़कियों के स्कूल के बाहर आईपीएस अनु बेनीवाल अपनी पुलिस टीम के साथ पहुंचीं और स्कूल के बाहर घूम रहे मनचलों को रोककर सख्ती से पूछताछ की। साथ ही, उन्होंने हिदायत दी कि जब बच्चियों का स्कूल छूटे, तब इन सड़कों पर कोई भी संदिग्ध नजर नहीं आना चाहिए।
🛑 स्कूल-कॉलेज के बाहर घूम रहे लड़कों पर पुलिस की सख्ती
जबलपुर के रानी दुर्गावती स्कूल के बाहर अचानक महिला पुलिस की टीम पहुंची, जिसका नेतृत्व एडिशनल एसपी आईपीएस अनु बेनीवाल कर रही थीं। उन्होंने पुलिस कर्मियों के माध्यम से सड़क से गुजरने वाले आवारा लड़कों को रुकवाया। इस दौरान कई ऐसी मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं, जिन पर लड़के सवार थे और गाड़ियों पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। आईपीएस अधिकारी ने स्कूल से निकल रही लड़कियों से बात की और पूछा कि उन्हें किसी किस्म की परेशानी तो नहीं है। उन्होंने लड़कियों का हौसला बढ़ाया और बेझिझक अपनी बात बताने का भरोसा दिलाया।
🛡️ महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस का 'गरिमा अभियान'
एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि जबलपुर में इन दिनों 'गरिमा अभियान' चल रहा है। इसके तहत महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने शहर के स्पा सेंटर्स में छापे मारे थे, जहाँ महिलाओं को जबरन काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। जबलपुर में देह व्यापार के रैकेट का भी खुलासा हुआ, जिसमें करीब डेढ़ सौ महिलाओं को मुक्त कराकर उन्हें बेहतर जीवन देने की पहल की गई है। साथ ही, शहर में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले सेंटर पर छापा मारकर गैर-कानूनी गतिविधियों को रोककर डॉक्टर को जेल भेजा गया है। अब पुलिस का मुख्य फोकस बच्चियों के लिए स्कूल और कॉलेज के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना है।
👨⚖️ छतरपुर में नए कलेक्टर एक्शन मोड में, रिश्वतखोर अधिकारी सस्पेंड
एक तरफ जबलपुर में पुलिस की सख्ती है, तो वहीं छतरपुर जिले में भी प्रशासन का सख्त चेहरा देखने को मिला है। छतरपुर के नए कलेक्टर मृणाल मीना पदभार संभालते ही एक्शन मोड में आ गए हैं। आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के आरोपी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी दिनेश दीक्षित के खिलाफ कलेक्टर ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनके निलंबन का प्रस्ताव सागर संभाग के कमिश्नर को भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मात्र दो घंटे के भीतर ही अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया।
🚫 भ्रष्टाचार के खिलाफ कलेक्टर की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
कलेक्टर की इस त्वरित कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में छतरपुर एडीएम विनय द्विवेदी ने बताया कि कमिश्नर कार्यालय से सस्पेंशन आदेश जारी कर दिया गया है और आगामी समय में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन का विशेष फोकस रहेगा। यह कार्रवाई एक सभ्य और पारदर्शी समाज की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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