देश के विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त उछाल, 5 हफ्तों में 2.5 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी
देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 10.5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। लगातार 5 हफ्तों में फॉरेक्स रिजर्व में करीब 26 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
देश की इकोनॉमी के लिए फॉरेक्स मोर्चे पर लगातार 5वें हफ्ते बेहद अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के मुद्रा भंडार में कुल 10.5 अरब डॉलर का बड़ा इजाफा हुआ है। पिछले लगातार 5 हफ्तों में देश के फॉरेक्स रिजर्व में करीब 26 बिलियन डॉलर यानी लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए की भारी-भरकम बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है।
जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम नागरिकों से सोना कम खरीदने और आयात से जुड़े सामान की खरीद सीमित करने की अपील की है, उसके बाद से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, देश के गोल्ड रिजर्व में भी काफी शानदार उछाल देखने को मिला है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से इस बार किस तरह के आंकड़े सामने रखे गए हैं।
📈 देश के फॉरेक्स रिजर्व में जबरदस्त और लगातार इजाफा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई को समाप्त हुए हफ्ते में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 10.512 अरब डॉलर बढ़कर 692.866 अरब डॉलर पर पहुँच गया है। इससे ठीक पहले वाले हफ्ते में भी कुल भंडार 6.118 अरब डॉलर बढ़कर 682.354 अरब डॉलर हो गया था। यह लगातार 5वां ऐसा हफ्ता है, जब देश के फॉरेक्स रिजर्व में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
इससे पहले 26 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के फॉरेक्स रिजर्व में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी और यह आंकड़ा गिरकर 666.93 अरब डॉलर पर आ गया था। हालांकि, उसके बाद से अब तक फॉरेक्स में कुल 25.94 अरब डॉलर का तगड़ा इजाफा हो चुका है।
तुलनात्मक रूप से देखें तो इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए हफ्ते में यह भंडार बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुँच गया था। इसके बाद पश्चिम एशिया में उपजे संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के चलते रुपए पर दबाव बढ़ा, जिसके कारण कई हफ्तों तक फॉरेक्स में गिरावट आई और केंद्रीय बैंक (RBI) को डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
🪙 विदेशी मुद्रा असेट्स और गोल्ड रिजर्व में भी आई जोरदार तेजी
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार का एक बहुत बड़ा हिस्सा यानी 'विदेशी मुद्रा संपत्ति' (Foreign Currency Assets) 8.75 अरब डॉलर बढ़कर 564.68 अरब डॉलर हो गई है। अमेरिकी डॉलर के लिहाज से देखें तो, विदेशी मुद्रा संपत्ति में भंडार के भीतर रखी गई गैर-अमेरिकी मुद्राओं (जैसे यूरो, पाउंड और जापानी येन) के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल होता है।
यहाँ यह भी याद दिलाना जरूरी है कि पिछले महीने केंद्रीय बैंक और केंद्र सरकार ने देश के भीतर विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय शुरू किए थे, जिसमें FCNR(B) योजना भी प्रमुख रूप से शामिल थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई की इन प्रभावी योजनाओं के तहत देश को अब तक कुल 32 अरब डॉलर मिल चुके हैं, जिसमें सबसे बड़ा योगदान FCNRB स्कीम का ही रहा है।
🥇 सोने के भंडार और स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) की स्थिति
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षाधीन हफ्ते में देश के सोने के भंडार (Gold Reserves) का कुल मूल्य 1.685 अरब डॉलर बढ़कर 104.743 अरब डॉलर हो गया है। इसके अलावा, शीर्ष बैंक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ 'स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स' (SDR) भी 48 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.666 अरब डॉलर पर पहुँच गए हैं।
शीर्ष बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, इस रिपोर्टिंग हफ्ते के अंत में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति (Reserve Position) भी 28 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.778 अरब डॉलर दर्ज की गई है।
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