जबलपुर में शुरू हुई एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा, 90 मिनट पहले पहुँचना अनिवार्य
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 8 से 13 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
जबलपुर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा का आयोजन 8 अगस्त से 13 अगस्त तक नेपियर टाउन स्थित शासकीय मानकुंवर बाई महिला महाविद्यालय में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक किया जा रहा है। परीक्षा के समय को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया है कि 12 अगस्त को परीक्षा दोपहर 12:00 बजे तक तथा 13 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे तक संपन्न होगी।
⏰ परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुँचना अनिवार्य
किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायतों की जाँच के बाद, आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से प्रतिवेदन प्राप्त कर आयोग को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आयोग ने व्यापक स्तर पर इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षार्थियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट (डेढ़ घंटे) पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुँच जाएँ।
🔍 बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जाँच के कड़े इंतजाम
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो पहचान पत्र से मिलान, मूल दस्तावेजों की सूक्ष्म जाँच तथा हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के माध्यम से फ्रिस्किंग की जाएगी। महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक जाँच विशेष रूप से महिला अधिकारियों द्वारा एक अलग कक्ष में की जाएगी, जबकि ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार महिला या पुरुष कर्मचारी से अपनी जाँच करवाने का उचित विकल्प चुन सकेंगे।
📱 इलेक्ट्रॉनिक या अन्य किसी भी प्रतिबंधित वस्तु पर रोक
आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षार्थी परीक्षा हॉल में केवल नीला/काला बॉलपॉइंट पेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र (Admit Card) और एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे। इसके अलावा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (मोबाइल, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर) या अन्य कोई भी प्रतिबंधित वस्तु साथ लाने की सख्त अनुमति नहीं होगी।
🔒 जिला कोषालय से प्रश्नपत्रों के वितरण और सुरक्षा की जिम्मेदारी
परीक्षा के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए संभागायुक्त कार्यालय द्वारा परियोजना अधिकारी (शहरी क्रमांक-4, एकीकृत बाल विकास सेवा) रीतेश दुबे को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी मुख्य जिम्मेदारी जिला कोषालय से गोपनीय प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रूप से समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुँचाना तथा परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी गोपनीय एवं अन्य उत्तर पुस्तिकाओं की सामग्री को वापस सुरक्षित रूप से जिला कोषालय में जमा कराना है।
📋 केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति और अधिकारियों को सख्त निर्देश
परीक्षा केंद्र के प्राचार्य को ही मुख्य केंद्राध्यक्ष (Centre Superintendent) बनाया गया है, जबकि किसी भी आकस्मिक आवश्यकता या आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन अतिरिक्त रिजर्व प्राधिकृत अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। आयोग ने सभी संबंधित प्रशासनिक और शैक्षणिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तय किए गए सभी दिशा-निर्देशों का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि यह महत्वपूर्ण परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
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