बंगाली चौराहे से पलासिया नए अलाइनमेंट से मचा हड़कंप, रहवासियों ने मेट्रो जीएम से की मुलाकात
इंदौर में मेट्रो के नए अंडरग्राउंड अलाइनमेंट से रहवासियों में दहशत है। गोयल नगर और वंदना नगर के नीचे से टनल गुजरने के विरोध में लोगों ने मोर्चा खोल दिया है।
इंदौर : छोटा गणपति (मल्हारगंज) क्षेत्र में मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन की खुदाई से डरे और सहमे रहवासियों के बाद अब बंगाली चौराहे से पलासिया के बीच बन रहे नए मेट्रो अलाइनमेंट ने शहर में नया हड़कंप मचा दिया है। अब तक यह जानकारी सामने आ रही थी कि अंडरग्राउंड ट्रैक कनाड़िया रोड के बिल्कुल समानांतर गुजरेगा।
हालांकि, हाल ही में वंदना नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी, तिलक नगर और संविद नगर जैसे रिहायशी इलाकों में मेट्रो द्वारा शुरू किए गए मिट्टी परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) के बाद से स्थानीय रहवासी बेहद भयभीत और चिंतित हैं।
🚇 कनाड़िया रोड छोड़कर सघन कॉलोनियों के नीचे से गुजरेगी टनल
अंडरग्राउंड टनल अब कनाड़िया रोड के मुख्य रास्ते से न जाकर घनी आबादी वाली कॉलोनियों और हजारों मकानों के ठीक नीचे से निकाले जाने की तैयारी चल रही है। इस स्थिति से बेहद चिंतित रहवासी अपनी समस्याओं को लेकर मेट्रो के जीएम आरएस राजपूत से मिलने पहुँचे और उनसे इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।
रहवासियों का सीधा और तार्किक सवाल यह है कि जब आवागमन के लिए पहले से ही 200 फीट चौड़ी मुख्य सड़क उपलब्ध है, तो फिर 2 से 3 हजार से अधिक मकानों की नींव, घरों के ट्यूबवेल और लोगों की सुरक्षा को खतरे में क्यों डाला जा रहा है?
📍 नया मेट्रो रूट: बंगाली चौराहे से पलासिया पुलिस लाइन तक
मेट्रो के जीएम ने रहवासियों के सामने नए अलाइनमेंट की पूरी जानकारी रखते हुए बताया है:
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पहला अंडरग्राउंड स्टेशन: खजराना के बाद सीधा बंगाली चौराहे पर बनाया जाएगा।
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रूट का कर्व: बंगाली चौराहे से मेट्रो कनाड़िया रोड को छोड़कर एक लंबा टर्न लेगी।
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प्रभावित होने वाली कॉलोनियां: यह टनल शकुंतला हॉस्पिटल, गोयल नगर से होते हुए साईंनाथ कॉलोनी, वंदना नगर, तिलक नगर और पत्रकार कॉलोनी के रिहायशी मकानों के नीचे से होकर गुजरेगी।
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दूसरा अंडरग्राउंड स्टेशन: रवींद्र नगर गायत्री मंदिर के आगे पलासिया पुलिस लाइन के समीप बनाया जाएगा, जहाँ से यह ट्रैक सीधे एमजी रोड की तरफ आगे बढ़ेगा।
👷♂️ मेट्रो जीएम का दावा: नींव से काफी नीचे होगी टनल, पहले होगा सर्वे
रहवासियों के इस भारी विरोध पर मेट्रो के जीएम राजपूत ने स्पष्ट किया कि अभी केवल अलाइनमेंट और सॉइल टेस्टिंग का शुरुआती काम चल रहा है। इसके बाद एक व्यापक जन-सर्वे किया जाएगा, जिसमें टनल के दायरे में आने वाले सभी मकानों को चिन्हित कर उनकी वर्तमान संरचना और स्थिति को दर्ज किया जाएगा। जीएम के अनुसार, यह अंडरग्राउंड टनल जमीन से लगभग 50 से 60 फीट की गहराई पर बनाई जाएगी, जबकि सामान्य रिहायशी मकानों की नींव अधिकतम 10 से 15 फीट गहरी ही होती है।
✊ रहवासियों की दो टूक: सुनवाई न हुई तो होगा उग्र आंदोलन
गोयल नगर रहवासी संघ और आसपास की तमाम कॉलोनियों के स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस अलाइनमेंट में कोई बदलाव नहीं किया गया, तो वे मजबूरन बड़े स्तर पर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
रहवासियों की मुख्य माँगे और बिंदु:
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चौड़ी सड़क का बेहतर विकल्प: रहवासियों का कहना है कि 200 फीट चौड़ी संविद नगर रोड से बिना किसी तोड़-फोड़ या आम जनता के मकानों को खतरे में डाले आसानी से टनल का निर्माण किया जा सकता है।
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कानूनी व व्यावहारिक अड़चनें: कॉलोनियों के बीच से भारी भरकम लाइन निकालने पर भविष्य में जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और परिवारों के विस्थापन जैसी गंभीर अड़चनें पैदा होंगी, जिससे इस नई योजना के कारण लगभग 5 हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
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