उफनती नदी के बीच तीन घंटे तक चली मशक्कत, जान बचाने के लिए मंदिर की सीढ़ियों पर बैठे थे डॉग्स

मध्य प्रदेश के विदिशा में बेतवा नदी के उफान पर आने से चरणतीर्थ घाट डूब गया है। SDERF की टीम ने शिव मंदिर में फंसे तीन कुत्तों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

Aug 11, 2026 - 16:44
0
उफनती नदी के बीच तीन घंटे तक चली मशक्कत, जान बचाने के लिए मंदिर की सीढ़ियों पर बैठे थे डॉग्स

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यहाँ उफान पर आई बेतवा नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि ऐतिहासिक चरणतीर्थ घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया। इस गंभीर स्थिति के बीच अपनी जान बचाने के लिए तीन बेजुबान डॉग्स पानी के बीच बने एक शिव मंदिर की ऊंचाई पर जाकर बैठ गए। गनीमत यह रही कि एक सतर्क स्थानीय युवक की नजर उन पर पड़ गई, जिसने बिना देर किए तुरंत राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) को इसकी सूचना दे दी।

🚤 SDERF की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बचाई बेजुबानों की जान

SDERF प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चरणतीर्थ पर कुत्तों के बाढ़ में फंसे होने की खबर मिलते ही बड़वाले घाट पर तैनात टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय से मोटरबोट के साथ विशेष बचाव दल रवाना किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आवारा या खुले में रहने वाले ये मवेशी इंसानी मदद के तरीके को आसानी से नहीं समझते और डर के कारण हमला करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन प्रशिक्षित जवानों ने अत्यंत धैर्य और सावधानी का परिचय देते हुए इस जोखिम भरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। उफनती नदी के तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच मंदिर तक पहुँचने में टीम को करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

📱 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, रेस्क्यू टीम की हो रही सराहना

बेतवा नदी के बीचों-बीच बने मंदिर में फंसे इन बेजुबान कुत्तों के सफल रेस्क्यू का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, वह तेजी से वायरल हो गया। लोग और पशु प्रेमी SDERF के जवानों के इस मानवीय प्रयास की जमकर सराहना कर रहे हैं। गौरतलब है कि विदिशा में बाढ़ जैसे हालातों के मद्देनजर SDERF की 12 सदस्यीय विशेष टीम लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। इससे पहले बामनखेड़ा (खामखेड़ा) में 16 मजदूरों और पथरिया गांव में 4 लोगों के साथ 7 गोवंशों को भी सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बोट के जरिए रेस्क्यू किए गए इन तीनों कुत्तों को सुरक्षित तट पर लाकर राहत की सांस ली गई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User