जबलपुर: दो आदिवासी बेटियों के अपहरण पर हंगामा, बेलखेड़ा थाने का घेराव
जबलपुर के ग्राम पवला से दो आदिवासी बेटियों को बहला-फुसलाकर सूरत ले जाने का मामला। कार्रवाई न होने पर बहुजन चेतना विकास मोर्चा और विभिन्न संगठनों ने बेलखेड़ा थाने का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूरी खबर पढ़ें।
जबलपुर: आदिवासी बेटियों के अपहरण के विरोध में बेलखेड़ा थाने का घेराव
जबलपुर। ग्राम पवला तहसील शहपुरा से दो आदिवासी बेटियों को गांव के दबंग बहला-फुसलाकर सूरत (गुजरात) ले गए। पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। परिवार ने विरोध में शनिवार को बेलखेड़ा थाने का घेराव किया।
प्रशासन को पहले ही दी गई थी आंदोलन की चेतावनी
शिकायत के एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई न होने पर बहुजन चेतना विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट खेमराज झारिया के नेतृत्व में इस आंदोलन की पूर्व सूचना 30 मई को ही प्रशासन को दे दी गई थी। आज कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर थाने का घेराव किया और पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की।
भारी दबाव के बाद जागी पुलिस, आरोपी गिरफ्तार और नाबालिग बरामद
आंदोलन के भारी दबाव के बाद पुलिस जागी और एसडीओपी पाटन को ज्ञापन सौंपने के दौरान उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर नाबालिग को बरामद कर लिया गया है। उन्होंने अन्य लंबित मामलों में भी स्वयं निरीक्षण कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आंदोलन में ये प्रमुख लोग और संगठन रहे शामिल
प्रदर्शन में प्रांतीय अध्यक्ष राधेश्याम मेहरा, टिक्कू लोधी, महेंद्र सोधिया, शिव मेहरा, गोंगपा जिलाध्यक्ष सखावत खान, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष संजू झारिया, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार सैयाम, जयस के श्रीकांत पोर्ते, बसंत टेकाम, रमा धुर्वे, राहुल परस्ते, बृजभान धुर्वे, गणेश अशोक उरेती, विष्णु यादव, भीकम पटेल, लवकुश, उमेश मरकाम, भूरा, चंद्रमोहन, भीकम झारिया, मथुरा प्रसाद झारिया, प्रदीप मरकाम, किशन सल्लाम, सरपंच योगेंद्र सिंह, शोभाराम और गिरधारी सिंह परस्ते सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
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