सीएम मोहन यादव ने की राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा, प्रदेश में अब तक 527 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

मध्य प्रदेश में बारिश और बाढ़ के हालातों के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समीक्षा बैठक की है। अब तक 527 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है और राहत कार्य जारी हैं।

Aug 12, 2026 - 12:14
0
सीएम मोहन यादव ने की राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा, प्रदेश में अब तक 527 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

मध्य प्रदेश में लगातार जारी बारिश के बीच राज्य प्रशासन ने राहत और बचाव अभियानों को और अधिक तेज कर दिया है। विभिन्न जिलों में बाढ़ जैसे बने हालातों के बीच अब तक कुल 527 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। जलभराव और मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला व राज्य स्तर की सभी रेस्क्यू टीमों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित होमगार्ड कंट्रोल रूम का अचानक दौरा किया और प्रदेशभर में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न जिलों में नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और रेस्क्यू ऑपरेशन की पल-पल की अपडेट ली।

🚣‍♂️ अब तक 527 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, खंडवा में फंसे 7 कांवड़िए भी बचाए गए

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद राहत एवं बचाव दलों ने अब तक कुल 527 लोगों की जान बचाई है। हमारे जवान दिन-रात मुस्तैदी के साथ अभियान चला रहे हैं। हाल ही का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि खंडवा जिले में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बीच धारा में फंसे 7 कांवड़ियों को भी रेस्क्यू टीमों ने बेहद सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इसके साथ ही इन सभी प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी और ठहरने की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

🌐 जिला और राज्य स्तर पर बेहतर तालमेल, निचले इलाकों में विशेष निगरानी

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर जोर देते हुए कहा कि बारिश से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय होना जरूरी है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन इलाकों में पानी भरने का खतरा है, वहाँ के नागरिकों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

🚁 रेस्क्यू टीमों की सराहना, जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने होमगार्ड, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमों द्वारा दिखाए गए साहस और तत्परता की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में टीमों का आपसी तालमेल ही सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी गंभीर आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टरों की सेवाएं भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मुख्य संकल्प यह है कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश का कोई भी नागरिक सहायता से वंचित न रहे। साथ ही, उन्होंने नदी-नालों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें और उफनते नालों या पुलियों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User