बालाघाट में खनन माफिया पर कड़ा प्रहार: बिना अनुमति मिट्टी-मुरूम खोदने पर 13 लोगों पर ₹5 करोड़ का जुर्माना
बालाघाट के बैहर में निजी भूमि से बिना अनुमति मिट्टी और मुरूम का अवैध उत्खनन करने वाले रिसॉर्ट संचालक सहित 13 लोगों पर ₹4.99 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया है।
बालाघाट। निजी जमीनों को अवैध रूप से खोदकर प्राकृतिक संपदा लूटने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। निजी भूमि से बिना किसी वैधानिक अनुमति के मिट्टी और मुरूम की अंधाधुंध खुदाई करने वाले 13 लोगों पर कुल 4 करोड़ 99 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन के इस कड़े एक्शन के बाद से पूरे इलाके के खनन माफिया और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
अपर कलेक्टर न्यायालय का तगड़ा एक्शन, बैहर के गोहारा गांव में अवैध उत्खनन पर बड़ी चोट
आरोप है कि बैहर तहसील के ग्राम गोहारा में 13 लोगों ने निजी भूमि से बिना किसी वैधानिक अनुमति के बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन कार्य को अंजाम दिया है। इस गंभीर मामले में अपर कलेक्टर न्यायालय बैहर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 4 करोड़ 99 लाख 6 हजार रुपये का भारी अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की यह राशि 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर न्यायालय के कोष में जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
समय पर राशि जमा नहीं करने पर दोगुना हो जाएगा दंड, भू-राजस्व कानून के तहत होगी वसूली
न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि निर्धारित समयावधि (30 दिन) के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई, तो यह दंड राशि बढ़कर सीधे दो गुना यानी 9 करोड़ 98 लाख 10 हजार रुपये हो जाएगी। इसके बाद इस राशि की वसूली भू-राजस्व बकाया की तरह सख्ती से की जाएगी।
रिसॉर्ट निर्माण के लिए खोदी गई 35 हजार घन मीटर मिट्टी, रॉयल्टी की 15 गुना राशि का लगा जुर्माना
आधिकारिक जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ग्राम गोहारा स्थित एक निर्माणाधीन रिसॉर्ट परिसर के लिए आसपास की निजी भूमि से लगभग 35 हजार 270 घन मीटर मिट्टी एवं मुरूम का अवैध रूप से उत्खनन किया गया है। यह खुदाई ग्राम गोहारा निवासी इतवारी गोंड, निस्तोर, मनोहर, अनुस्तिन, चैनसिंह, सीताबाई, मेतुबाई और शांताबाई की निजी कृषि भूमि से की गई है। इस अवैध उत्खनन एवं परिवहन कार्य में धड़ल्ले से जेसीबी (JCB) मशीनों तथा डंपरों का उपयोग किया गया था।
अपर कलेक्टर न्यायालय बैहर द्वारा खनिज नियमों के तहत अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि का अर्थदंड लगाया गया है, जो कि 2 करोड़ 49 लाख 52 हजार 500 रुपये बनता है। इसके अलावा, पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को देखते हुए इतनी ही अतिरिक्त समान राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में भी जोड़ी गई है।
रिसॉर्ट संचालक, वाहन मालिक और चालकों पर गिरी गाज, कोर्ट ने इन शर्तों पर सौंपे वाहन
न्यायालय ने इस अवैध कारोबार में संलिप्त रिसॉर्ट संचालक, संबंधित भूमि स्वामियों, जेसीबी एवं डंपर मालिकों, चालकों तथा ट्रैक्टर मालिकों को मिलाकर कुल 13 लोगों पर 4 करोड़ 99 लाख 6 हजार रुपये का संयुक्त दंड ठोंका है। मामले में पूर्व में जब्त किए गए डंपर और जेसीबी मशीनों को अंतरिम रूप से मालिकों के सुपुर्द तो कर दिया गया है, लेकिन इसके साथ कड़ी शर्तें भी जोड़ी गई हैं।
वाहन मालिक इन वाहनों का विक्रय, हस्तांतरण, रंग-रोगन या किसी भी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही, न्यायालय द्वारा जब भी मांग की जाएगी, संबंधित वाहन 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
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