ग्वालियर के मुक्तिधामों में लकड़ी और कंडों की मनमानी कीमतों पर लगेगी रोक, गौशाला से मिलेंगे कंडे
ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक में श्मशान घाटों की अव्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। अब श्मशान में सरकारी दरों पर कंडे और लकड़ी उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही 45 मुक्तिधामों का सर्वे होगा।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के श्मशान घाटों (मुक्तिधाम) में अब लकड़ी और कंडों की कीमतों को लेकर चल रही मनमानी पर जल्द ही लगाम लगने जा रही है। अब शहर के मुक्तिधामों में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी जिसके तहत गौशालाओं के माध्यम से कंडे उपलब्ध कराए जाएंगे और लकड़ी के दाम भी पूरी तरह फिक्स (शासकीय दर पर) किए जाएंगे। दरअसल, हाल ही में संपन्न हुई ग्वालियर निगम परिषद की बैठक के दौरान श्मशान घाटों की विभिन्न अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन में कई बेहद अहम और राहत भरे निर्णय लिए गए हैं। इस दौरान मुक्तिधामों पर हो रहे अतिक्रमण, कब्जों और अन्य बुनियादी असुविधाओं पर भी गंभीर चर्चा की गई।
🪵 श्मशान में शासकीय दरों पर मिलेंगी लकड़ियां, CNG और विद्युत शवदाह गृह पर जोर
ग्वालियर नगर निगम की इस महत्वपूर्ण बैठक में श्मशान घाटों का मुद्दा सबसे प्रमुखता से उठाया गया। चर्चा के दौरान मुक्तिधामों तक पहुँचने वाले मार्ग, लोगों के बैठने की उचित व्यवस्था, शेड निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए CNG-PNG गैस और विद्युत शवदाह गृह की सुविधा शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, निजी वेंडरों द्वारा शवदाह के लिए गोबर के उपले और लकड़ियां मनमाने दामों पर बेचे जाने की शिकायतों पर कड़ी रोक लगाने के लिए सरकारी व्यवस्था लागू करने की बात उठी, जिस पर सहमति बनी कि अब गौशालाओं से ही गोबर के उपले तय शासकीय दरों पर मुक्तिधामों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
🏛️ शहर के सभी 45 मुक्तिधामों का होगा सर्वे, जीर्णोद्धार का लिया गया संकल्प
इस मामले पर जानकारी देते हुए MIC मेंबर अवधेश कौरव ने बताया कि बैठक का मुख्य विषय श्मशानों की व्यवस्थाओं को सुधारना था, जिसमें लकड़ी-कंडों की कीमतें तय करने के साथ-साथ मुक्तिधामों पर मौजूद अन्य कमियों को दूर कर उनका जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया गया है। वहीं, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने पार्षदों की शिकायतों पर जवाब देते हुए कहा कि शहर के सभी 45 मुक्तिधामों का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन श्मशानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, और उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
🛣️ खराब सड़कों के मुद्दे पर भी गरमाया सदन, पार्षदों ने जताया विरोध
बैठक की शुरुआत विपक्षी और सत्तापक्ष दोनों ही पक्षों के पार्षदों के तीखे विरोध के साथ हुई। बीजेपी पार्षद सुरेश सोलंकी और आशा चौहान अपने-अपने वार्डों की बदहाल सड़कों और क्षेत्र की दुर्दशा से जुड़े पोस्टर लेकर सदन में ही आसंदी के सामने धरने पर बैठ गए। सदन में पार्षद अनिल सांकला ने भी शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया और कहा कि कई सड़कों के वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद केवल इसलिए काम रुके पड़े हैं क्योंकि उनका भूमिपूजन नहीं हुआ है।
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