छतरपुर के शासकीय छात्रावास में अधीक्षक पर अश्लील हरकत का आरोप, पुलिस ने लिया हिरासत में

छतरपुर के शासकीय छात्रावास के अधीक्षक पर छात्रों के साथ गंदी हरकत करने का आरोप लगा है। शिकायत पेटी में पत्र मिलने के बाद पुलिस और CWC टीम जांच में जुटी है।

Aug 12, 2026 - 15:28
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छतरपुर के शासकीय छात्रावास में अधीक्षक पर अश्लील हरकत का आरोप, पुलिस ने लिया हिरासत में

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक छात्रावास (हॉस्टल) के अधीक्षक के कारनामों का काला चिट्ठा जब शिकायत पेटी से बाहर आया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। शिकायत पत्र में अधीक्षक द्वारा 5 से 6 छात्रों के साथ अश्लील और गंदी हरकतें किए जाने का गंभीर सच सामने आया था। इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और अधीक्षक को बयान दर्ज करने के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

🏫 सिविल लाइन थाना क्षेत्र के देरी रोड स्थित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास का मामला

यह पूरा मामला छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत देरी रोड पर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास क्रमांक-2 एवं 3 का है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत हॉस्टल पहुँची और आरोपी अधीक्षक आशीष शुक्ला को अपने साथ थाने ले आई। सिविल लाइन थाना प्रभारी (TI) आशुतोष श्रोती को शिकायत पेटी में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर अब गहनता से छानबीन की जा रही है।

📝 शिकायत पेटी में छात्रों ने लिखी आपबीती, CWC टीम ने भी शुरू की जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस छात्रावास में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र रहकर अपनी पढ़ाई करते हैं। हॉस्टल के ही 5 से 6 छात्रों ने मिलकर अधीक्षक के खिलाफ अश्लील हरकतों की लिखित शिकायत शिकायत पेटी में डाली थी। जैसे ही यह बात सामने आई, पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ-साथ बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम भी तुरंत छात्रावास पहुँची और बच्चों से बातचीत करके पूरे मामले की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

⚖️ अधीक्षक ने आरोपों को बताया साजिश, कांग्रेस नेताओं ने की नियमित निरीक्षण की मांग

टीआई आशुतोष श्रोती ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच कर रही है और छात्रों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, आरोपी अधीक्षक आशीष शुक्ला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक गहरी साजिश करार दिया है। दूसरी ओर, मामले की सूचना मिलने पर पहुँचे युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकेंद्र वर्मा ने बताया कि इस अधीक्षक के खिलाफ पिछले साल से भी शिकायतें मिल रही थीं लेकिन डर के कारण छात्र खुलकर सामने नहीं आ पा रहे थे। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग से मांग की है कि सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।

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