MP राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने महेश केवट को उतारकर बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें, अब निर्विरोध निर्वाचन के बजाय होगा मुकाबला

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की राह मुश्किल, जानिए पूरा चुनावी गणित।

Jun 8, 2026 - 13:20
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MP राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने महेश केवट को उतारकर बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें, अब निर्विरोध निर्वाचन के बजाय होगा मुकाबला

भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार की घोषणा कर कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। रविवार देर रात मुख्यमंत्री निवास पर चली लंबी बैठक के बाद पार्टी ने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट के नाम पर मुहर लगा दी। इस घोषणा के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि अब राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचन नहीं, बल्कि चुनावी मुकाबला होगा।

मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगा 'पॉलिटिकल ड्रामा', जानिए पूरा सियासी समीकरण

सीएम हाउस में हुई इस बैठक में ओबीसी, एससी-एसटी और आदिवासी वर्ग के कई नामों पर गहन मंत्रणा हुई, लेकिन अंत में पिछड़ा वर्ग से आने वाले महेश केवट के नाम पर सहमति बनी। उनके नाम की घोषणा होते ही प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के पास राज्यसभा की सीट जीतने के लिए जरूरी विधायकों के अतिरिक्त संख्या बल तो है, लेकिन पार्टी अपने कुछ विधायकों की निष्ठा को लेकर संशय में है, जिसके कारण 'पॉलिटिकल ड्रामा' की आशंका बनी हुई है।

 कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की राह में क्यों आ रही है मुश्किल?

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम प्राथमिकता के 58 मतों की आवश्यकता होती है। कांग्रेस के पास कुल 64 विधायक हैं, लेकिन श्योपुर के विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाईकोर्ट की रोक है। इसके अलावा, बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे को लेकर कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उनका झुकाव बीजेपी की ओर है। ऐसे में कांग्रेस के पास वोटों का गणित काफी नाजुक स्थिति में है, जिससे मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

 बीजेपी के पास 48 अतिरिक्त मत, 'सेंधमारी' का डर सता रहा कांग्रेस को

मध्य प्रदेश में बीजेपी के 164 विधायक हैं। इनमें से 116 मतों के साथ पार्टी आसानी से अपने दो सदस्यों को राज्यसभा भेज सकती है। इसके बाद बीजेपी के पास 48 मत अतिरिक्त बचते हैं। यदि बीजेपी को कांग्रेस की निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार का समर्थन मिल जाता है, तो उनके पास 50 अतिरिक्त मत हो जाएंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उन्हें सिर्फ 8 मतों की और दरकार होगी, जिसे लेकर कांग्रेस को अपने विधायकों में सेंधमारी का डर सता रहा है।

 बाड़बंदी की तैयारी और कांग्रेस का दावा

बीजेपी की रणनीति से घबराई कांग्रेस अपने विधायकों की बाड़बंदी कर सकती है और उन्हें चुनावों तक किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट करने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि, "कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं है। मीनाक्षी नटराजन निश्चित रूप से राज्यसभा जाएंगी।"

 कौन हैं बीजेपी के महेश केवट?

बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट मूल रूप से निवाड़ी जिले (ओरछा) से आते हैं और वर्तमान में मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन्हें 6 मई को ही इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे पूर्व में टीकमगढ़ के जिला उपाध्यक्ष, जिला मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी रह चुके हैं। संगठन में लंबे अनुभव के कारण बीजेपी ने उन पर भरोसा जताया है।

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