नगर निगम के पब्लिक पार्क में जैन मुनि के अंतिम संस्कार पर विवाद, रहवासियों के विरोध के बाद जांच के आदेश
इंदौर के नगर निगम पार्क में जैन मुनि का अंतिम संस्कार किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। रहवासियों के विरोध के बाद निगम कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर से एक अजीबोगरीब और विवादित मामला सामने आया है, जहाँ नगर निगम के एक पब्लिक पार्क (सार्वजनिक उद्यान) के भीतर जैन मुनि का अंतिम संस्कार किए जाने के बाद स्थानीय रहवासियों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है, वहीं सरकारी उद्यान में चिता जलाए जाने को लेकर नगर निगम ने भी आधिकारिक तौर पर जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना के बाद जैन समाज के भी दो अलग-अलग पक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
🕊️ 80 वर्ष की आयु में हुआ निधन, लोकमान्य नगर के पार्क में दी गई समाधि/अंतिम विदाई
इंदौर में चातुर्मास करने आए जैन संत त्यागी छुल्लकजी ने मुनि दीक्षा ग्रहण की थी, जिनका लगभग 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे इन दिनों लोकमान्य नगर में अपने अनुयायियों के यहाँ चातुर्मास कर रहे थे। निधन के पश्चात उनके अनुयायियों ने लोकमान्य नगर और जैन कॉलोनी के बीच स्थित नगर निगम के पार्क (बगीचे) में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि बगीचे में बने 'विद्यासागर जी ओटले' पर यह अंतिम क्रिया संपन्न की गई। सुबह जब स्थानीय लोग मॉर्निंग वॉक के लिए पार्क में पहुँचे, तो सार्वजनिक स्थान पर जलती हुई चिता देखकर हैरान रह गए और तुरंत इसका विरोध जताया।
👥 जैन समाज में उभरे मतभेद, पुलिस की अनुमति के बिना हुआ दाह संस्कार
इस घटना को लेकर जैन समाज के भीतर ही विरोधाभास और मतभेद की स्थिति बन गई है। समाज के एक पक्ष का कड़ा कहना है कि किसी भी सार्वजनिक उद्यान में इस तरह अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए था, जबकि दूसरा पक्ष इसके समर्थन में नजर आया। दिगंबर जैन समाज नेमीनगर की तरफ से इस आशय की लिखित सूचना अन्नपूर्णा थाने में दी जरूर गई थी, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के कहने पर सुबह पार्क में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सूचना मिलते ही अन्नपूर्णा पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया।
🔍 नगर निगम कमिश्नर ने दिए जांच के निर्देश, भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर लगेगी रोक
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंहल ने स्पष्ट कहा है कि "नगर निगम के उद्यानों में इस तरह की गतिविधियां बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। इस मामले में पंचनामा बनवाया जा रहा है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जाँच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और भविष्य में नगर निगम के किसी भी पार्क में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा।" वहीं, जोन प्रभारी राहुल वर्मा ने बताया कि उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत करा दिया गया है और नियमानुसार पंचनामा तैयार कर लिया गया है।
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