उमरिया: महिला नेचर गाइड बनेंगी संरक्षण दूत, फील्ड ट्रेनिंग से संवरेगी पर्यटकों से संवाद की कला

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कान्हा, पेंच और बांधवगढ़ की महिला गाइडों के लिए तीन दिवसीय स्पेशल ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण और कौशल विकास पर रहा फोकस।

Jun 8, 2026 - 13:26
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उमरिया: महिला नेचर गाइड बनेंगी संरक्षण दूत, फील्ड ट्रेनिंग से संवरेगी पर्यटकों से संवाद की कला

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में महिला गाइडों को वाइल्डलाइफ और पर्यटन प्रबंधन में दक्ष बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। इस तीन दिवसीय स्पेशल ट्रेनिंग में बांधवगढ़ के साथ-साथ कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व की महिला गाइडों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला गाइडों को केवल एक प्रकृति व्याख्याकार (Nature Interpreter) के रूप में ही नहीं, बल्कि 'संरक्षण दूत' और 'सामुदायिक नेतृत्वकर्ता' के रूप में मजबूत बनाना था।

 5 से 7 जून तक चला ट्रेनिंग शिविर, महिला गाइडों को मिली फील्ड और क्लासरूम ट्रेनिंग

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक (मध्य प्रदेश) के नेतृत्व में, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के मार्गदर्शन में 5 से 7 जून तक 'महिला नेचर गाइड क्षमता संवर्धन वर्कशॉप' का आयोजन किया गया। इस शिविर में बांधवगढ़, कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व की कुल 62 महिला गाइडों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बांधवगढ़ के जंगलों में विशेष 'फील्ड ट्रेनिंग' दी गई, जिससे उन्हें वन्यजीवों की निगरानी, पर्यटक प्रबंधन और संरक्षण संदेशों को पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।

 आर्थिक आत्मनिर्भरता और नेतृत्व विकास पर विशेष जोर

इस ट्रेनिंग शिविर में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, वित्तीय योजना और दीर्घकालिक आजीविका सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के समक्ष पन्ना टाइगर रिजर्व के 'पारधी समुदाय' द्वारा संचालित हैंड ब्लॉक पेंटिंग, पारधी जंगल वॉक और अन्य सफल आजीविका मॉडल्स के उदाहरण प्रस्तुत किए, ताकि वे समझ सकें कि कैसे संरक्षण और आजीविका को एक साथ जोड़ा जा सकता है। कक्षा आधारित सत्रों में नेतृत्व विकास, आत्मविश्वास निर्माण, संवाद कौशल और समुदाय सहभागिता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

 गाइडिंग की कला और प्रभावी संवाद का प्रशिक्षण

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने कहा कि, "महिला नेचर गाइड पर्यटन, संरक्षण जागरूकता और सामुदायिक विकास की महत्वपूर्ण प्रतिनिधि हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा प्रदान करते हैं।" प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने गाइडिंग की कला और पर्यटकों के साथ प्रभावी संवाद करने के तरीकों पर चर्चा की। गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्तमान में कुल 197 गाइड हैं, जिनमें से 171 पुरुष और 26 महिलाएं हैं। इस सामूहिक प्रशिक्षण ने तीनों टाइगर रिजर्व की महिला गाइडों को एक-दूसरे के कार्य अनुभवों से सीखने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

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